उत्तराखंड में शुक्रवार को कई महत्वपूर्ण घटनाक्रम सामने आए। भाजपा के राज्यसभा प्रत्याशी दिनेश आर्य निर्विरोध निर्वाचित हुए। वहीं, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बागेश्वर में पांचवें सीमांत पर्वतीय जनपद बाल विज्ञान महोत्सव का शुभारंभ किया। इस दौरान उन्होंने बाल वैज्ञानिकों को प्रोत्साहित करने और शोध एवं नवाचार को बढ़ावा देने के लिए एक करोड़ रुपये देने की घोषणा की। दूसरी ओर, हरिद्वार में अचानक हुई भारी ओलावृष्टि से जनजीवन प्रभावित हुआ और कई वाहनों के शीशे टूट गए। <Link url=”https://www.amarujala.com/dehradun/uk-top-news-dinesh-arya-enters-rajya-sabha-cm-makes-major-announcement-at-children-s-science-festival-2026-10-09/” title=”(स्रोत: अमर उजाला)
दिनेश आर्य निर्विरोध राज्यसभा पहुंचे
भाजपा प्रत्याशी दिनेश आर्य के सामने किसी अन्य उम्मीदवार ने नामांकन नहीं किया। नाम वापसी की समय सीमा समाप्त होने के बाद निर्वाचन अधिकारी ने उनके निर्विरोध निर्वाचन की घोषणा की और उन्हें प्रमाण पत्र सौंपा। उनके राज्यसभा पहुंचने से कुमाऊं क्षेत्र को करीब 12 साल बाद प्रतिनिधित्व मिला है। दिनेश आर्य इससे पहले मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के जनसंपर्क अधिकारी (पीआरओ) रह चुके हैं और नैनीताल जिले में भाजपा की जिम्मेदारी भी संभाल चुके हैं।
बाल वैज्ञानिकों को प्रोत्साहित करने के लिए एक करोड़ रुपये
बागेश्वर के मंडलसेरा स्थित विवेकानंद इंटर कॉलेज में आयोजित दो दिवसीय बाल विज्ञान महोत्सव का मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शुभारंभ किया। उत्तराखंड राज्य विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद (यूकॉस्ट) की ओर से आयोजित इस महोत्सव में छह सीमांत जिलों के लगभग 240 बाल वैज्ञानिक हिस्सा ले रहे हैं। मुख्यमंत्री ने बच्चों से संवाद कर उनकी जिज्ञासाओं के जवाब दिए और शोध एवं नवाचार को बढ़ावा देने के लिए एक करोड़ रुपये देने की घोषणा की। महोत्सव का उद्देश्य सीमांत और दुर्गम पर्वतीय क्षेत्रों के विद्यार्थियों में वैज्ञानिक सोच विकसित करना और उन्हें नवाचार के अवसर उपलब्ध कराना है।
हरिद्वार में भारी ओलावृष्टि से अफरा-तफरी
हरिद्वार में अचानक हुई भारी ओलावृष्टि से लोगों में अफरा-तफरी मच गई। बड़े-बड़े ओले गिरने से सड़कों पर मौजूद लोगों को बचने के लिए सुरक्षित स्थानों की ओर भागना पड़ा। ओलावृष्टि की चपेट में आने से कई वाहनों के शीशे टूट गए। वहीं, प्रदेश के पर्वतीय क्षेत्रों में मौसम बदलने के साथ बर्फबारी भी हुई, जिससे ठंड बढ़ गई।




