कांवड़ यात्रा के दौरान हरिद्वार की गंगनहर में दर्दनाक हादसे में चंडीगढ़ के चार कांवड़ियों की डूबने से मौत हो गई। हादसा उस समय हुआ जब एक किशोर गहरे पानी में डूबने लगा और उसे बचाने के लिए उसके तीन दोस्त भी गंगनहर में कूद पड़े। तेज बहाव और गहराई के कारण चारों पानी में समा गए।
बताया गया कि सभी युवक 30 जुलाई की रात हरिद्वार पहुंचे थे और शुक्रवार को कांवड़ लेकर आगे बढ़ने से पहले जटवाड़ा पुल के पास गंगनहर में स्नान करने उतरे थे। इसी दौरान एक युवक के डूबने पर अन्य साथियों ने उसे बचाने का प्रयास किया, लेकिन चारों की जान चली गई। उनके साथ मौजूद एक युवक किसी तरह बाहर निकल आया और उसने घटना की सूचना दी।
सूचना मिलते ही जल पुलिस और गोताखोरों ने रेस्क्यू अभियान चलाकर चारों को बाहर निकाला, लेकिन तब तक उनकी मौत हो चुकी थी। इस हृदयविदारक घटना के बाद मृतकों के परिजनों में कोहराम मच गया, जबकि प्रशासन ने श्रद्धालुओं से गहरे पानी में उतरने से बचने और केवल सुरक्षित घाटों पर ही स्नान करने की अपील की है।
हरिद्वार। कांवड़ यात्रा के दौरान हरिद्वार की गंगनहर में दर्दनाक हादसे में चंडीगढ़ के चार कांवड़ियों की डूबने से मौत हो गई। हादसा उस समय हुआ जब एक किशोर गहरे पानी में डूबने लगा और उसे बचाने के लिए उसके तीन दोस्त भी गंगनहर में कूद पड़े। तेज बहाव और गहराई के कारण चारों पानी में समा गए।
बताया गया कि सभी युवक 30 जुलाई की रात हरिद्वार पहुंचे थे और शुक्रवार को कांवड़ लेकर आगे बढ़ने से पहले जटवाड़ा पुल के पास गंगनहर में स्नान करने उतरे थे। इसी दौरान एक युवक के डूबने पर अन्य साथियों ने उसे बचाने का प्रयास किया, लेकिन चारों की जान चली गई। उनके साथ मौजूद एक युवक किसी तरह बाहर निकल आया और उसने घटना की सूचना दी।
सूचना मिलते ही जल पुलिस और गोताखोरों ने रेस्क्यू अभियान चलाकर चारों को बाहर निकाला, लेकिन तब तक उनकी मौत हो चुकी थी। इस हृदयविदारक घटना के बाद मृतकों के परिजनों में कोहराम मच गया, जबकि प्रशासन ने श्रद्धालुओं से गहरे पानी में उतरने से बचने और केवल सुरक्षित घाटों पर ही स्नान करने की अपील की है।




