जनपद की समस्याओं के त्वरित निस्तारण के लिए सोमवार को जिला कार्यालय सभागार में जनसुनवाई कार्यक्रम आयोजित किया गया। जिलाधिकारी मयूर दीक्षित के निर्देशन में मुख्य विकास अधिकारी डॉ. ललित नारायण मिश्र की अध्यक्षता में हुई जनसुनवाई में विभिन्न विभागों से संबंधित 38 शिकायतें दर्ज की गईं, जिनमें से 18 का मौके पर ही निस्तारण किया गया। शेष शिकायतों को संबंधित विभागों को कार्रवाई के लिए भेजा गया।
जनसुनवाई में राजस्व, भूमि विवाद, बिजली, अतिक्रमण, जलभराव, पेयजल और राशन कार्ड समेत कई मामलों से संबंधित शिकायतें पहुंचीं। नवोदय नगर के गणेश इंक्लेव गली नंबर छह के निवासियों ने पीडब्ल्यूडी की ओर से बनाई गई नाली को ऊपर से कवर कराने की मांग की। उनका कहना था कि नाली खुली होने के कारण वाहन घर तक नहीं पहुंच पा रहे हैं।
देवभूमि पूर्व सैनिक कल्याण समिति ने मिलन केंद्र और शहीद स्मारक के संबंध में प्रार्थना पत्र दिया। वहीं, सरबतिया ने पिता स्वर्गीय नगरे की अचल संपत्ति में अपना नाम दर्ज कराने की मांग की। ज्ञानलोक कॉलोनी गली नंबर 10 के निवासियों ने समीप की कॉलोनी से गंदे पानी की निकासी की उचित व्यवस्था नहीं होने से घरों में जलभराव की समस्या बताई।
इसके अलावा दि बुद्धिस्ट सोसाइटी ऑफ इंडिया ने हरिद्वार स्थित बौद्ध विहार के पुनर्निर्माण के लिए भूमि उपलब्ध कराने, कृष्णा नगर रुड़की गली नंबर 16 के निवासियों ने सड़क और नाली का उचित लेवल कराने, वेदपाल ने गंगाजी के खसरा नंबर 443/12 की जमीन से अवैध कब्जा हटाने तथा हरेंद्र सिंह ने मजाहिंदपुर सतीवाला में नदी के कटाव को रोकने के लिए तटबंध निर्माण की मांग की।
अधिकारियों को समयबद्ध निस्तारण के निर्देश
सीडीओ डॉ. ललित नारायण मिश्र ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जनसुनवाई में दर्ज प्रत्येक शिकायत का शीघ्र और समयबद्ध तरीके से निस्तारण किया जाए। उन्होंने कहा कि शिकायतों के निस्तारण में किसी भी प्रकार की लापरवाही या शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। जिन मामलों में स्थलीय निरीक्षण की आवश्यकता है, उनमें संबंधित अधिकारी आपसी समन्वय से मौके पर जाकर समस्या का समाधान सुनिश्चित करें।
274 शिकायतें लंबित, जल्द निस्तारण के निर्देश
सीएम हेल्पलाइन की समीक्षा के दौरान सीडीओ ने 36 दिन से अधिक समय से लंबित शिकायतों को प्राथमिकता के आधार पर निस्तारित करने के निर्देश दिए। समीक्षा में एल-1 स्तर पर 216 और एल-2 स्तर पर 58 शिकायतें, कुल 274 शिकायतें लंबित पाई गईं। अधिकारियों को इनका गंभीरता और संवेदनशीलता के साथ शीघ्र निस्तारण करने के निर्देश दिए गए।
बैठक में एडीएम प्रशासन जितेंद्र कुमार, एडीएम वित्त एवं राजस्व वैभव गुप्ता, अपर मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. अनिल वर्मा, जिला विकास अधिकारी कमलेश कुमार पंत, मुख्य शिक्षा अधिकारी अमित कुमार चंद, जिला खाद्य सुरक्षा अधिकारी महिमानंद जोशी, जिला पर्यटन अधिकारी सुशील नौटियाल, जिला अर्थ एवं संख्या अधिकारी नलिनी ध्यानी, जिला प्रोवेशन अधिकारी अविनाश भदौरिया, जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी मीरा रावत, उप मुख्य नगर अधिकारी एमके यादव, एलडीएम दिनेश गुप्ता, परियोजना निदेशक उरेडा वाईएस बिष्ट सहित जिला स्तरीय अधिकारी और फरियादी मौजूद रहे।




