उत्तर प्रदेशउत्तराखंडगढ़वाल मण्डलदिल्ली एनसीआरदेश-विदेशदेहरादूनयूथरुड़कीशिक्षासामाजिकहरिद्वार

एसएमजेएन कॉलेज में उत्तराखंड मुक्त विश्वविद्यालय के क्षेत्रीय कार्यालय का उद्घाटन

एसएमजेएन पीजी कॉलेज परिसर में मंगलवार को उत्तराखंड मुक्त विश्वविद्यालय (यूओयू) के क्षेत्रीय कार्यालय का विधिवत उद्घाटन किया गया। इस अवसर पर विद्यार्थियों में अध्ययन और पठन-पाठन की संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए विशाल पुस्तक मेले का आयोजन भी किया गया। मेले में विद्यार्थियों को निःशुल्क पाठ्य पुस्तकें वितरित की गईं।

कार्यक्रम का शुभारंभ अतिथियों ने दीप प्रज्वलित कर किया। उत्तराखंड मुक्त विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. नवीन चंद्र लोहनी ने कहा कि विश्वविद्यालय का उद्देश्य उच्च शिक्षा को अधिक से अधिक विद्यार्थियों तक पहुंचाना है। हरिद्वार में क्षेत्रीय कार्यालय खुलने से विद्यार्थियों को प्रवेश, परीक्षा, अध्ययन, परामर्श और अन्य शैक्षणिक सुविधाएं स्थानीय स्तर पर मिल सकेंगी। उन्होंने कहा कि कार्यालय विद्यार्थियों की शैक्षणिक और प्रशासनिक समस्याओं के समाधान में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

कॉलेज प्राचार्य प्रो. डॉ. सुनील कुमार बत्रा ने कहा कि क्षेत्रीय कार्यालय की स्थापना से हरिद्वार और आसपास के क्षेत्रों के विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा के अधिक अवसर मिलेंगे। मुक्त एवं दूरस्थ शिक्षा उन विद्यार्थियों के लिए विशेष रूप से उपयोगी है, जो नियमित रूप से महाविद्यालय नहीं आ पाते। उन्होंने कहा कि महाविद्यालय विद्यार्थियों के लिए कौशल संवर्धन और तकनीकी विकास के नए अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में भी कार्य करेगा।

अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष एवं कॉलेज प्रबंध समिति के अध्यक्ष श्रीमहंत डॉ. रविंद्र पुरी महाराज ने कहा कि शिक्षा समाज और राष्ट्र निर्माण का सबसे सशक्त माध्यम है। उन्होंने विद्यार्थियों से पुस्तकों को अपना मित्र बनाने और शिक्षा के साथ संस्कार एवं सामाजिक उत्तरदायित्व को जीवन का हिस्सा बनाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों तक अच्छी पुस्तकें पहुंचाना भविष्य की पीढ़ी को मजबूत बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।

निदेशक, क्षेत्रीय सेवाएं डॉ. गिरिजा पांडे ने कहा कि बदलते शैक्षणिक परिवेश में विद्यार्थियों को लचीले और वैकल्पिक अध्ययन के अवसर उपलब्ध कराना आवश्यक है। वहीं, सहायक निदेशक क्षेत्रीय सेवाएं डॉ. एमएम जोशी ने कहा कि क्षेत्रीय कार्यालय के माध्यम से विश्वविद्यालय की शैक्षणिक एवं प्रशासनिक सेवाओं की जानकारी और मार्गदर्शन स्थानीय स्तर पर उपलब्ध होगा।

सहायक क्षेत्रीय निदेशक बृजेश बनकोटी ने कहा कि कार्यालय प्रवेश, परीक्षा, अध्ययन सामग्री और अन्य अकादमिक गतिविधियों से जुड़ी विद्यार्थियों की समस्याओं के समाधान में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

पुस्तक मेले में दिखा विद्यार्थियों का उत्साह

कार्यक्रम का विशेष आकर्षण विशाल पुस्तक मेला रहा। इसमें विभिन्न विषयों से संबंधित पुस्तकों का प्रदर्शन किया गया। विद्यार्थियों ने बड़ी संख्या में मेले में पहुंचकर अपनी रुचि के अनुसार पुस्तकों का चयन किया। इस दौरान विद्यार्थियों को निःशुल्क पुस्तकें भी वितरित की गईं। विद्यार्थियों ने कहा कि डिजिटल माध्यमों के बढ़ते प्रभाव के बावजूद पुस्तकों का महत्व कायम है और निःशुल्क पुस्तकें मिलने से उन्हें अध्ययन में काफी मदद मिलेगी।

कार्यक्रम के अंत में यूओयू अध्ययन केंद्र के समन्वयक डॉ. शिवकुमार चौहान ने अतिथियों, विश्वविद्यालय एवं महाविद्यालय के अधिकारियों, शिक्षकों, कर्मचारियों और विद्यार्थियों का आभार व्यक्त किया।

इस अवसर पर प्रो. विनय थपलियाल, डॉ. मनोज कुमार सोही, वैभव बत्रा, डॉ. पूर्णिमा सुंदरियाल, विनीत सक्सेना, डॉ. विजय शर्मा, डॉ. पल्लवी, डॉ. मीनाक्षी शर्मा, जोगेंद्र मावी, डॉ. योगेश सिंघल, तारा सिंह, रुचिता सक्सेना और कार्यालय अधीक्षक मोहन चंद्र पांडेय समेत बड़ी संख्या में विद्यार्थी एवं शिक्षक मौजूद रहे।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button