दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे शुरू होने के बाद बिहारीगढ़ का मशहूर पकौड़ी बाजार यात्रियों की आवाजाही कम होने से प्रभावित हुआ है। कभी दिल्ली और देहरादून के बीच सफर करने वाले यात्रियों का पसंदीदा पड़ाव रहा यह बाजार अब अपेक्षाकृत सुनसान नजर आने लगा है। दुकानदारों के अनुसार एक्सप्रेसवे शुरू होने के बाद कारोबार में करीब 70 फीसदी तक गिरावट आई है।
बिहारीगढ़ की गर्मागर्म पकौड़ी और चाय लंबे समय से राहगीरों के बीच लोकप्रिय रही है। बाजार की करीब 48 दुकानों से सैकड़ों परिवारों की आजीविका जुड़ी हुई है। पहले दिल्ली, देहरादून और आसपास के क्षेत्रों से आने-जाने वाले वाहन यहां रुकते थे, जिससे बाजार में दिनभर रौनक रहती थी।
एक्सप्रेसवे पर बने पुल के कारण दिल्ली और देहरादून जाने वाले अधिकांश वाहन अब सीधे निकल जाते हैं। इससे पुराने मार्ग पर स्थित दुकानों तक यात्रियों की पहुंच कम हो गई है। दुकानदारों मनोज जायसवाल, योगेश कुमार, राकेश और शमशाद के मुताबिक बिक्री में भारी कमी आने से कई दुकानों का खर्च निकालना भी मुश्किल हो गया है। कुछ दुकानें बंद हो चुकी हैं, जबकि कई अन्य बंद होने के कगार पर हैं।
दुकानदारों ने प्रशासन से बाजार को मुख्य मार्ग और एक्सप्रेसवे से जोड़ने के लिए सर्विस रोड तथा स्पष्ट संपर्क मार्ग उपलब्ध कराने की मांग की है। इसके अलावा एक्सप्रेसवे पर बाजार के लिए संकेतक लगाने और आसपास सुरक्षित पार्किंग की व्यवस्था करने की मांग भी उठाई गई है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि मोहंड क्षेत्र के पुराने पकौड़ी बाजार पर भी सड़क व्यवस्था में बदलाव का असर पड़ा है। उनका कहना है कि बेहतर कनेक्टिविटी के साथ पुराने मार्गों पर निर्भर छोटे कारोबारियों के लिए भी ऐसी व्यवस्था होनी चाहिए, जिससे उनकी आजीविका प्रभावित न हो।




