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देहरादून में 109 आईएफएस अधिकारियों का दीक्षांत समारोह संपन्न, केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव ने दिए प्रमाणपत्र

इंदिरा गांधी राष्ट्रीय वन अकादमी (IGNFA) में भारतीय वन सेवा (IFS) के वर्ष 2024 बैच के अधिकारियों का दीक्षांत समारोह शनिवार को वन अनुसंधान संस्थान (FRI) के दीक्षांत सभागार में आयोजित किया गया। केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेंद्र यादव ने 109 भारतीय वन सेवा अधिकारियों तथा भूटान के दो प्रशिक्षु अधिकारियों सहित कुल 111 प्रशिक्षुओं को प्रशिक्षण पूर्ण होने पर प्रमाणपत्र एवं पदक प्रदान किए।

समारोह को संबोधित करते हुए केंद्रीय मंत्री ने कहा कि जलवायु परिवर्तन, जैव विविधता संरक्षण और मरुस्थलीकरण जैसी चुनौतियों से निपटने में युवा वन अधिकारियों की महत्वपूर्ण भूमिका होगी। उन्होंने कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI), आधुनिक तकनीक और जनभागीदारी को वन प्रबंधन का आधार बताते हुए अधिकारियों से नैतिकता, ईमानदारी और संवेदनशीलता के साथ कार्य करने का आह्वान किया।

अकादमी के निदेशक डॉ. राजेंद्र प्रसाद खजूरिया ने बताया कि 20 माह के प्रशिक्षण कार्यक्रम में वानिकी, वन्यजीव संरक्षण, पर्यावरणीय प्रशासन, नेतृत्व विकास और फील्ड प्रशिक्षण पर विशेष ध्यान दिया गया। बैच के 75 अधिकारियों ने 75 प्रतिशत से अधिक अंक प्राप्त कर ऑनर्स डिप्लोमा हासिल किया। राजस्थान कैडर की प्रतीक्षा नानासाहेब काले बैच टॉपर रहीं। समारोह में पर्यावरण मंत्रालय, भारतीय वानिकी अनुसंधान एवं शिक्षा परिषद (ICFRE) तथा वन अनुसंधान संस्थान के वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित रहे।

वन संरक्षण में तकनीक, नैतिकता और जनभागीदारी पर दिया जोर, बैच के उत्कृष्ट प्रशिक्षुओं को पदक भी प्रदान किए गए

देहरादून। इंदिरा गांधी राष्ट्रीय वन अकादमी (IGNFA) में भारतीय वन सेवा (IFS) के वर्ष 2024 बैच के अधिकारियों का दीक्षांत समारोह शनिवार को वन अनुसंधान संस्थान (FRI) के दीक्षांत सभागार में आयोजित किया गया। केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेंद्र यादव ने 109 भारतीय वन सेवा अधिकारियों तथा भूटान के दो प्रशिक्षु अधिकारियों सहित कुल 111 प्रशिक्षुओं को प्रशिक्षण पूर्ण होने पर प्रमाणपत्र एवं पदक प्रदान किए।

 

समारोह को संबोधित करते हुए केंद्रीय मंत्री ने कहा कि जलवायु परिवर्तन, जैव विविधता संरक्षण और मरुस्थलीकरण जैसी चुनौतियों से निपटने में युवा वन अधिकारियों की महत्वपूर्ण भूमिका होगी। उन्होंने कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI), आधुनिक तकनीक और जनभागीदारी को वन प्रबंधन का आधार बताते हुए अधिकारियों से नैतिकता, ईमानदारी और संवेदनशीलता के साथ कार्य करने का आह्वान किया।

 

अकादमी के निदेशक डॉ. राजेंद्र प्रसाद खजूरिया ने बताया कि 20 माह के प्रशिक्षण कार्यक्रम में वानिकी, वन्यजीव संरक्षण, पर्यावरणीय प्रशासन, नेतृत्व विकास और फील्ड प्रशिक्षण पर विशेष ध्यान दिया गया। बैच के 75 अधिकारियों ने 75 प्रतिशत से अधिक अंक प्राप्त कर ऑनर्स डिप्लोमा हासिल किया। राजस्थान कैडर की प्रतीक्षा नानासाहेब काले बैच टॉपर रहीं। समारोह में पर्यावरण मंत्रालय, भारतीय वानिकी अनुसंधान एवं शिक्षा परिषद (ICFRE) तथा वन अनुसंधान संस्थान के वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित रहे।

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