देहरादून, 5 मई। उत्तराखंड के मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने राज्य में प्रस्तावित रोपवे परियोजनाओं की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए। बैठक में विभिन्न रोपवे परियोजनाओं की प्रगति का जायजा लिया गया और आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए गए।
मुख्य सचिव ने जागेश्वर धाम विकास योजना में रोपवे परियोजना को शामिल करने के निर्देश देते हुए इसका खाका जल्द तैयार करने को कहा। उन्होंने कहा कि इससे धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा और श्रद्धालुओं की आवाजाही सुगम होगी।
बैठक में रोपवे निर्माण की प्राथमिकता तय करने के लिए एक उपसमिति गठित करने के निर्देश भी दिए गए। यह समिति विभिन्न विभागों के समन्वय से प्रदेश में बनने वाले रोपवे प्रोजेक्ट्स की प्राथमिकता तय करेगी।
मुख्य सचिव ने ब्रिडकुल को रोपवे परियोजनाओं के नियामक प्राधिकरण के रूप में और मजबूत करने तथा उसकी जिम्मेदारियों का स्पष्ट निर्धारण जल्द करने के निर्देश दिए। साथ ही, मसूरी रोपवे से जुड़े लंबित मामलों को तीन दिन में निस्तारित कर तय समय सीमा में कार्य पूरा करने को कहा।
इसके अलावा केदारनाथ धाम और हेमकुंट साहिब रोपवे परियोजनाओं की समीक्षा करते हुए असुरक्षित स्थानों के चिन्हीकरण और सुधार कार्य तत्काल शुरू कराने के निर्देश दिए गए। नए पुलों और बाईपास सड़कों के निर्माण को भी समयबद्ध तरीके से पूरा करने पर जोर दिया गया।
मुख्य सचिव ने कहा कि सभी परियोजनाएं तय समय सीमा में पूरी हों और कार्यों की गुणवत्ता से कोई समझौता न किया जाए, ताकि राज्य में धार्मिक पर्यटन और आधारभूत ढांचे को मजबूती मिल सके।




