देहरादून, 5 मई। उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री एवं वरिष्ठ कांग्रेस नेता हरीश रावत ने 15 मई से प्रदेशभर में संवाद यात्रा शुरू करने की घोषणा की है। उन्होंने कहा कि चुनाव परिणामों के बाद उन्हें महसूस हुआ है कि राजनीति में लगातार तर्कपूर्ण संवाद बेहद आवश्यक है।
रावत ने बताया कि इस यात्रा के दौरान वे प्रदेश के विभिन्न वर्गों से संवाद करेंगे। इसमें प्रबुद्ध वर्ग, राज्य आंदोलन से जुड़े लोग, युवा और विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधि शामिल होंगे। वे राज्य की 25 वर्षों की विकास यात्रा पर भी लोगों से राय लेंगे और यह समझने का प्रयास करेंगे कि प्रदेश सही दिशा में आगे बढ़ रहा है या नहीं।
उन्होंने अपने कार्यकाल का उल्लेख करते हुए कहा कि रोजगार के क्षेत्र में उनकी सरकार का प्रदर्शन बेहतर रहा था और भविष्य के लिए उनके पास रोजगार व स्वरोजगार का स्पष्ट रोडमैप भी है।
रावत ने कहा कि संवाद यात्रा की शुरुआत हरिद्वार में मां गंगा के आशीर्वाद से होगी, जबकि कुमाऊं और गढ़वाल क्षेत्रों में स्थानीय देवस्थलों से आशीर्वाद लेकर अभियान आगे बढ़ाया जाएगा।
उन्होंने स्पष्ट किया कि इस पहल का उद्देश्य जनता से सीधे जुड़कर उनके विचार जानना और राजनीतिक संवाद को मजबूत करना है।
मई से प्रदेशभर में संवाद यात्रा करेंगे हरीश रावत
देहरादून, 5 मई। उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री एवं वरिष्ठ कांग्रेस नेता हरीश रावत ने 15 मई से प्रदेशभर में संवाद यात्रा शुरू करने की घोषणा की है। उन्होंने कहा कि चुनाव परिणामों के बाद उन्हें महसूस हुआ है कि राजनीति में लगातार तर्कपूर्ण संवाद बेहद आवश्यक है।
रावत ने बताया कि इस यात्रा के दौरान वे प्रदेश के विभिन्न वर्गों से संवाद करेंगे। इसमें प्रबुद्ध वर्ग, राज्य आंदोलन से जुड़े लोग, युवा और विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधि शामिल होंगे। वे राज्य की 25 वर्षों की विकास यात्रा पर भी लोगों से राय लेंगे और यह समझने का प्रयास करेंगे कि प्रदेश सही दिशा में आगे बढ़ रहा है या नहीं।
उन्होंने अपने कार्यकाल का उल्लेख करते हुए कहा कि रोजगार के क्षेत्र में उनकी सरकार का प्रदर्शन बेहतर रहा था और भविष्य के लिए उनके पास रोजगार व स्वरोजगार का स्पष्ट रोडमैप भी है।
रावत ने कहा कि संवाद यात्रा की शुरुआत हरिद्वार में मां गंगा के आशीर्वाद से होगी, जबकि कुमाऊं और गढ़वाल क्षेत्रों में स्थानीय देवस्थलों से आशीर्वाद लेकर अभियान आगे बढ़ाया जाएगा।
उन्होंने स्पष्ट किया कि इस पहल का उद्देश्य जनता से सीधे जुड़कर उनके विचार जानना और राजनीतिक संवाद को मजबूत करना है।




