शून्य छात्र संख्या के चलते राजकीय प्राथमिक विद्यालय पैंया को बंद कर दिया गया है। कभी बच्चों की चहल-पहल से गूंजने वाला यह स्कूल अब पूरी तरह सन्नाटे में डूब गया है, जिससे ग्रामीणों में गहरा भावनात्मक माहौल बन गया।
शिक्षा विभाग की टीम ने ग्राम प्रधान की मौजूदगी में विद्यालय का सामान हटाकर दूसरे विद्यालय भेज दिया। कुर्सी, मेज, ब्लैकबोर्ड, खेल सामग्री और मध्याह्न भोजन के बर्तन वाहन से बिंजाखेत स्थित विद्यालय में स्थानांतरित किए गए, जहां वर्तमान में छात्र पढ़ रहे हैं।
विद्यालय बंद होने के दौरान गांव के लोग और पुराने छात्र भावुक हो उठे। उन्होंने बताया कि इसी स्कूल में उन्होंने शिक्षा की शुरुआत की थी और अब इसके बंद होने से गांव की पहचान और यादें भी मानो खत्म हो गई हैं।
खंड शिक्षा अधिकारी के अनुसार, शून्य नामांकन के कारण यह निर्णय लेना पड़ा और संसाधनों को अन्य विद्यालय में उपयोग के लिए भेजा गया है।
गौरतलब है कि उत्तराखंड में लगातार घटती छात्र संख्या के चलते कई सरकारी स्कूल बंद हो रहे हैं, जिससे शिक्षा व्यवस्था पर भी सवाल उठ रहे हैं।




