जयंती के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में वरिष्ठ पत्रकार, लेखक एवं डीडी न्यूज के मुख्य एंकर अशोक श्रीवास्तव ने कहा कि समाज को मजबूत बनाने के लिए सही इतिहास और संस्कारों का प्रसार आवश्यक है। उन्होंने मीडिया की भूमिका पर प्रकाश डालते हुए कहा कि मीडिया का दायित्व है कि वह जनता के सामने सत्य प्रस्तुत करे।
उन्होंने कहा कि भारत ने कठिन परिस्थितियों में भी जनता को मुफ्त अनाज उपलब्ध कराकर अपनी मजबूती का परिचय दिया है, जबकि कई देशों में आर्थिक संकट देखने को मिला। पश्चिम बंगाल के चुनावों का उल्लेख करते हुए उन्होंने शांतिपूर्ण मतदान के लिए चुनाव आयोग और केंद्रीय बलों की सराहना की।
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए उत्तराखंड संस्कृत विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. रमाकांत पांडेय ने कहा कि फिल्मों में भगवान नारद की छवि को विदूषक के रूप में प्रस्तुत करने से उनकी वास्तविक पहचान प्रभावित हुई है। उन्होंने बताया कि नारद मुनि लोककल्याण के संदेशवाहक और महान ज्ञानी थे, जिन्हें समाज को सही रूप में समझने की आवश्यकता है।
महामंडलेश्वर स्वामी ललितानंद गिरी महाराज ने कहा कि भक्ति, भाव और सेवा ही जीवन को सार्थक बनाते हैं। उन्होंने “भज गोविंदम्” का उल्लेख करते हुए भगवान श्रीकृष्ण के जीवन दर्शन को समझने का आह्वान किया।
इस अवसर पर वरिष्ठ कवि पंडित ज्वाला प्रसाद शांडिल्य की काव्यांजलि ‘सत्यनारायण कथा’ का विमोचन भी किया गया। कार्यक्रम का संचालन अमित शर्मा ने किया, जबकि संयोजक ललितेन्द्र नाथ ने सभी का आभार व्यक्त किया।
कार्यक्रम में विभिन्न शिक्षाविद, संत, समाजसेवी एवं गणमान्य लोग उपस्थित रहे।




