Pushkar Singh Dhami जनता की शिकायतों को लेकर सख्त नजर आए। सीएम हेल्पलाइन 1905 की समीक्षा बैठक में सामने आया कि अधिकारियों ने 22 हजार से अधिक शिकायतें जबरन बंद कर दीं, जिस पर मुख्यमंत्री ने कड़ी नाराजगी जताई।
समीक्षा के दौरान पता चला कि कुल 1.19 लाख शिकायतों में से करीब 22,246 शिकायतें बिना उचित समाधान के बंद कर दी गईं। इस पर सीएम ने स्पष्ट निर्देश दिए कि किसी भी शिकायत को जिलाधिकारी, विभागाध्यक्ष या संबंधित सचिव की अनुमति के बिना बंद न किया जाए।
मुख्यमंत्री ने चेतावनी दी कि यदि किसी अधिकारी द्वारा शिकायत को जबरन बंद किया गया तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि हेल्पलाइन केवल एक नंबर नहीं, बल्कि जनता के विश्वास का माध्यम है और शिकायतों का निस्तारण पूर्ण संतुष्टि के बाद ही होना चाहिए।
बैठक में यह भी सामने आया कि कई विभागों ने गंभीर शिकायतों को दूसरी श्रेणियों में डालकर जिम्मेदारी से बचने की कोशिश की। पेयजल, बिजली, राशन और अन्य जनसुविधाओं से जुड़ी समस्याओं को भी उचित समाधान के बिना बंद किया गया।
सीएम ने निर्देश दिए कि जिलाधिकारी स्तर पर साप्ताहिक और सचिव स्तर पर मासिक समीक्षा अनिवार्य रूप से की जाए, ताकि लंबित शिकायतों का समयबद्ध समाधान सुनिश्चित हो सके। साथ ही, बेहतर कार्य करने वाले अधिकारियों की सराहना भी की गई।
इस कार्रवाई से प्रशासनिक व्यवस्था में जवाबदेही बढ़ाने और जनता की शिकायतों के प्रभावी समाधान पर सरकार के फोकस को स्पष्ट संकेत मिला है।




