Harish Rawat द्वारा आयोजित ‘फल पार्टी’ भी कांग्रेस में चल रही आपसी खटास को दूर नहीं कर सकी। उनके आवास पर आयोजित इस कार्यक्रम में जहां समर्थकों और कार्यकर्ताओं की अच्छी खासी भीड़ रही, वहीं पार्टी के बड़े नेता नदारद रहे।
पूर्व मुख्यमंत्री ने सभी नेताओं को खुला निमंत्रण दिया था, लेकिन इसके बावजूद प्रदेश स्तर के कई वरिष्ठ नेता कार्यक्रम में शामिल नहीं हुए। बताया जा रहा है कि अधिकांश बड़े नेता टिहरी में आयोजित पार्टी कार्यक्रम में व्यस्त रहे, जिससे यह दूरी और साफ नजर आई।
फल पार्टी में तरबूज, खरबूज समेत मौसमी फलों और पहाड़ी व्यंजनों का आयोजन किया गया, लेकिन इसकी मिठास भी पार्टी के भीतर चल रहे मतभेदों को कम नहीं कर पाई।
गौरतलब है कि हाल ही में हरीश रावत के अवकाश और उसके बाद की राजनीतिक गतिविधियों को लेकर पार्टी में बयानबाजी तेज रही है, जिससे अंदरूनी खींचतान और खुलकर सामने आई है।
इस पूरे घटनाक्रम ने कांग्रेस संगठन में एकजुटता पर सवाल खड़े कर दिए हैं, वहीं कार्यकर्ताओं के बीच भी असमंजस की स्थिति बनी हुई है।




