, 12 जून। गुजरात के अहमदाबाद स्थित ‘द एरीना बाय ट्रांस स्टेडिया’ में आयोजित प्रथम विश्व योगासन चैंपियनशिप में भारतीय योगासन टीम ने ऐतिहासिक प्रदर्शन करते हुए विश्व मंच पर देश का परचम लहराया। 78 देशों के लगभग 600 खिलाड़ियों के बीच भारत की 122 सदस्यीय टीम ने कुल 114 पदक जीतकर नया कीर्तिमान स्थापित किया। इनमें 102 स्वर्ण, 9 रजत और 3 कांस्य पदक शामिल हैं।
प्रतियोगिता का शुभारंभ योगगुरु स्वामी रामदेव, गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल, साध्वी देवप्रिया, मुख्य केंद्रीय प्रभारी राकेश मित्तल सहित कई गणमान्य अतिथियों की उपस्थिति में हुआ। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन किया।
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारतीय टीम का प्रतिनिधित्व करते हुए पतंजलि योगपीठ से संचालित आचार्यकुलम् के विद्यार्थियों ने भी शानदार प्रदर्शन किया। सब जूनियर वर्ग में अथर्व सिंह नेगी ने हैंड बैलेंसिंग और ट्रेडिशनल योगासन ग्रुप स्पर्धा में दो स्वर्ण पदक जीतकर देश और संस्थान का नाम रोशन किया। बालिका वर्ग में अल्का शर्मा तथा जूनियर बालिका वर्ग में यति यशवी ने भी स्वर्ण पदक अपने नाम किए।
खिलाड़ियों की इस उपलब्धि के पीछे आचार्यकुलम्, हरिद्वार योगासन एसोसिएशन और पतंजलि योगपीठ के प्रशिक्षकों का समर्पण और कठोर परिश्रम रहा। आचार्यकुलम् की वाइस चेयरपर्सन डॉ. ऋतंभरा, प्रधानाचार्या स्वाति मुंशी, उपप्रधानाचार्य तपस कुमार बेरा, समन्वयक दीपा देवी, खेल विभागाध्यक्ष अमित दानी सहित समस्त आचार्यों ने विजेता खिलाड़ियों और प्रशिक्षकों को बधाई दी।
इस अवसर पर स्वामी रामदेव ने कहा कि योगासन केवल खेल नहीं, बल्कि स्वस्थ, संतुलित और अनुशासित जीवन का आधार है। वहीं, पतंजलि योगपीठ के महामंत्री आचार्य बालकृष्ण ने खिलाड़ियों की सफलता को भारतीय संस्कृति और योग के वैश्विक प्रसार की दिशा में महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया।
विश्व योगासन महासंघ एवं भारत योगासन के महासचिव डॉ. जयदीप आर्य ने कहा कि भारत का यह प्रदर्शन साबित करता है कि योगासन खेल के क्षेत्र में देश विश्व नेतृत्व करने की क्षमता रखता है।




