कुंभ मेला-2027 की तैयारियों के तहत हरिद्वार वन प्रभाग में मानव-हाथी संघर्ष को कम करने के लिए वन विभाग आधुनिक तकनीक का सहारा लेने जा रहा है। पहली बार हाथियों के झुंड का नेतृत्व करने वाले हाथी को रेडियो कॉलर पहनाकर पूरे झुंड की गतिविधियों पर रियल टाइम निगरानी की जाएगी।
वन विभाग ने भारतीय वन्यजीव संस्थान (WII) के सहयोग से अध्ययन शुरू किया है। इसके तहत हाथियों के झुंड की संख्या, उनके आवाजाही के मार्ग और आबादी वाले क्षेत्रों में आने के समय का आकलन किया जाएगा। अध्ययन के बाद झुंड के लीडर हाथी की पहचान कर उसे रेडियो कॉलर पहनाया जाएगा, जिससे पूरे झुंड की लोकेशन पर नजर रखी जा सकेगी।
वन अधिकारियों के अनुसार यदि हाथियों का झुंड आबादी की ओर बढ़ेगा तो निगरानी दल को तुरंत सूचना मिल जाएगी और टीम समय रहते हाथियों को जंगल की ओर मोड़ने का प्रयास करेगी। इससे मानव-हाथी संघर्ष की घटनाओं में कमी आने की उम्मीद है।
राज्य वन्यजीव बोर्ड और राज्य स्तरीय बाघ संचालन समिति की बैठक में इस योजना की जानकारी दी गई। रेडियो कॉलर लगाने के लिए पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय से अनुमति मांगी गई है। वन विभाग को इस कार्य के लिए चार रेडियो कॉलर भी उपलब्ध करा दिए गए हैं।




