पतंजलि ने भारतीय संस्कृति, आधुनिक विज्ञान और राष्ट्रसेवा की भावना से प्रेरित आईएएस, आईपीएस एवं अन्य केंद्रीय सेवाओं के अधिकारियों के निर्माण के उद्देश्य से ‘पतंजलि सिविल सेवा अकादमी’ के शुभारंभ की घोषणा की है। अकादमी का उद्देश्य भारतीय प्रशासनिक व्यवस्था को नई दिशा देते हुए ऐसे अधिकारियों का निर्माण करना है जो राष्ट्रहित और जनसेवा को सर्वोच्च प्राथमिकता दें।
योगऋषि स्वामी रामदेव ने इसे शिक्षा जगत की ऐतिहासिक पहल बताते हुए कहा कि भारत संविधान से संचालित होता है, लेकिन कानूनों के प्रभावी क्रियान्वयन का आधार अधिकारियों का चरित्र होता है। उन्होंने कहा कि अकादमी में आध्यात्मिक ज्ञान, प्रशासनिक उत्कृष्टता और शैक्षणिक कठोरता पर आधारित ‘त्रि-शिक्षा मॉडल’ लागू किया जाएगा। पाठ्यक्रम राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) और भारतीय ज्ञान परंपरा के अनुरूप तैयार किया गया है, जिसमें योग, प्राणायाम, विरासत एवं विज्ञान तथा शोध और बोध के समन्वय पर विशेष बल दिया जाएगा।
पूर्व आईएएस अधिकारी डॉ. एन.पी. सिंह ने कहा कि वर्तमान प्रशासनिक व्यवस्था अभी भी औपनिवेशिक मानसिकता से प्रभावित है। उन्होंने अधिकारियों में ‘शासक’ नहीं बल्कि ‘ट्रस्टी’ यानी जनसेवक की भावना विकसित करने पर जोर देते हुए कहा कि अकादमी भारतीय संविधान की मूल भावना और भारतीय प्रशासनिक परंपराओं के अनुरूप कर्तव्यनिष्ठ एवं संवेदनशील अधिकारियों का निर्माण करेगी।
देश के प्रसिद्ध शिक्षाविद् और सिविल सेवा मार्गदर्शक अवध ओझा अकादमी का नेतृत्व करेंगे। उन्होंने कहा कि संस्थान का उद्देश्य केवल जानकारी देना नहीं, बल्कि विद्यार्थियों में विवेक, चिंतन क्षमता और प्रशासनिक चुनौतियों का समाधान खोजने की योग्यता विकसित करना है। उन्होंने बताया कि दिल्ली सहित देश के प्रमुख शिक्षा केंद्रों के अनुभवी शिक्षकों के सहयोग से विद्यार्थियों को उच्चस्तरीय मार्गदर्शन प्रदान किया जाएगा।
अकादमी पूर्णतः आवासीय होगी और विद्यार्थियों को सात्विक वातावरण में शिक्षा प्रदान की जाएगी। दिन की शुरुआत योग एवं प्रार्थना से होगी तथा व्यक्तित्व विकास, नेतृत्व क्षमता और राष्ट्रसेवा की भावना को विकसित करने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। मेधावी विद्यार्थियों के लिए छात्रवृत्ति और राष्ट्रीय परीक्षाओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वालों के लिए विशेष पुरस्कारों की भी घोषणा की गई है।
पतंजलि विश्वविद्यालय परिसर में स्थापित यह अकादमी आधुनिक शिक्षण संसाधनों, विश्वस्तरीय अधोसंरचना और खेल सुविधाओं से सुसज्जित होगी। इसका उद्देश्य ऐसे प्रशासनिक अधिकारियों का निर्माण करना है जो शारीरिक रूप से सशक्त, मानसिक रूप से प्रखर और आध्यात्मिक रूप से संतुलित हों।
इस अवसर पर पतंजलि विश्वविद्यालय की डीन साध्वी देवप्रिया, प्रो-वाइस चांसलर मयंक अग्रवाल, रजिस्ट्रार श्री सक्सेना सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।




