उत्तराखंड में लगातार हो रही बारिश और ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी ने जनजीवन को प्रभावित कर दिया है। मौसम खराब होने के कारण रविवार को लगातार दूसरे दिन केदारनाथ, बदरीनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री धाम की यात्रा स्थगित रही। मौसम साफ होने के बाद ही यात्रा दोबारा सुचारु की जाएगी। वहीं, फूलों की घाटी भी पर्यटकों के लिए बंद रही।
उत्तरकाशी जिले के उच्च हिमालयी क्षेत्रों में लगातार बर्फबारी के चलते करीब 136 पर्वतारोही और ट्रैकर अपने बेस कैंप व अन्य स्थानों पर फंसे हुए हैं। प्रशासन के अनुसार सभी सुरक्षित हैं और उन्हें सुरक्षित निकालने के लिए टीमें गठित कर कार्रवाई शुरू कर दी गई है। गंगोत्री-यमुनोत्री की पहाड़ियों, गोमुख ट्रैक और नेलांग-जादूंग घाटी में करीब एक से चार फीट तक बर्फबारी हुई है।
बारिश के चलते गंगोत्री और यमुनोत्री हाईवे पर भी मलबा आने से आवाजाही प्रभावित हुई। ऋषिकेश-बदरीनाथ हाईवे पर सिरोहबगड़ में दिनभर भूस्खलन होता रहा। जेसीबी की मदद से मलबा हटाकर यातायात शुरू कराया गया, लेकिन दोबारा मलबा आने से मार्ग बंद हो गया। बदरीनाथ हाईवे के पर्थाडीप में भी भूस्खलन का दायरा बढ़कर करीब 80 मीटर हो गया है।
मलबे की चपेट में ग्रामीण की मौत
पौड़ी जिले के ग्वारी मल्ली गांव में रविवार को पहाड़ी से आए मलबे की चपेट में आने से 50 वर्षीय बलवीर सिंह की मौत हो गई। वह घर के पीछे बरसाती पानी की स्थिति देखने गए थे। स्थानीय लोगों और पुलिस ने बचाव अभियान चलाया, लेकिन उन्हें बचाया नहीं जा सका।
घांघरिया में करीब 100 पर्यटक रुके
मौसम विभाग के बारिश, आकाशीय बिजली और बर्फबारी के अलर्ट के चलते फूलों की घाटी रविवार को पर्यटकों के लिए बंद रही। करीब 100 पर्यटक घांघरिया में घाटी खुलने का इंतजार करते रहे। मौसम सामान्य होने पर ही पर्यटकों की आवाजाही शुरू की जाएगी।
दो उड़ानें दिल्ली डायवर्ट
खराब मौसम का असर हवाई सेवाओं पर भी पड़ा। देहरादून एयरपोर्ट पर मुंबई और कोलकाता से आने वाली इंडिगो की दो उड़ानों को मौसम खराब होने के कारण दिल्ली डायवर्ट करना पड़ा। इसके अलावा कई उड़ानें निर्धारित समय से देरी से पहुंचीं।
मौसम विभाग ने सोमवार को भी प्रदेश के अधिकांश जिलों में भारी बारिश का यलो अलर्ट जारी किया है। शासन ने जिलाधिकारियों को सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं। पर्यटकों और आमजन को अनावश्यक यात्रा से बचने की सलाह दी गई है।




