उत्तराखंड के नैनीताल जिले के रामनगर और अल्मोड़ा शहर में हिंदू राष्ट्र सम्मेलन का आयोजन किया गया। सम्मेलन में गोवर्धन मठ पुरी से सनातन धर्म एवं धार्मिक मानबिंदुओं की रक्षा के लिए संचालित अभियान की जानकारी दी गई। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में राष्ट्रभक्तों ने भाग लिया और अभियान में सहयोग का संकल्प व्यक्त किया।
इस अवसर पर पूज्यपाद जगद्गुरु शंकराचार्य गोवर्धन पीठाधीश्वर महाराज के शिष्य एवं अधिवक्ता डॉ. प्रेमचंद्र झा ने अभियान के उद्देश्यों और गतिविधियों पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने सनातन धर्म और शंकराचार्य परंपरा की ऐतिहासिक महत्ता बताते हुए कहा कि आदि शंकराचार्य ने अल्प आयु में ही चारों धामों के पुनरुद्धार और धार्मिक परंपराओं के संरक्षण के लिए महत्वपूर्ण कार्य किए। उन्होंने चार शंकराचार्य पीठों की स्थापना के माध्यम से सनातन परंपरा को मजबूत आधार प्रदान किया।
डॉ. झा ने कहा कि गोवर्धन पीठ के 145वें शंकराचार्य भारत और नेपाल की सीमा से जुड़े क्षेत्रों में यात्रा कर सनातन धर्म के प्रति जागरूकता का संदेश दे रहे हैं। उनका मानना है कि सनातन धर्म के संरक्षण से मानव कल्याण, विश्व शांति और भारत के पुनः विश्व गुरु बनने का मार्ग प्रशस्त होगा।
उन्होंने लोगों से सेवा, सत्संग, स्वाध्याय और संगोष्ठियों के माध्यम से हिंदू समाज को संगठित करने का आह्वान किया। साथ ही अपने-अपने घरों में सनातन ध्वज फहराने की अपील की। सम्मेलन में शंकराचार्य की ओर से भारत को हिंदू राष्ट्र बनाने और विश्वभर में सनातन संस्कृति का संदेश पहुंचाने के संकल्प की भी जानकारी दी गई।
कार्यक्रम के दौरान उपस्थित लोगों ने हिंदू राष्ट्र अभियान में सहयोग का आश्वासन दिया। इस दौरान ‘हम भारत भव्य बनाएंगे, हम हिंदू राष्ट्र बनाएंगे’ के जयघोष से सभागार गूंज उठा।
सम्मेलन में रामनगर के संयोजक शुभम अग्रवाल, हल्द्वानी के संयोजक पीयूष पांडेय सहित अन्य लोगों ने भी अपने विचार रखे। कार्यक्रम का समापन हर-हर महादेव के जयघष के साथ हुआ।




