देहरादून। उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री और भाजपा के वरिष्ठ नेता मेजर जनरल (सेवानिवृत्त) भुवन चंद्र खंडूरी का मंगलवार को निधन हो गया। वह लंबे समय से अस्वस्थ चल रहे थे। उनके निधन की खबर से प्रदेशभर में शोक की लहर दौड़ गई। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी सहित अनेक राजनीतिक, सामाजिक और प्रशासनिक हस्तियों ने गहरा दुख व्यक्त किया है।
भुवन चंद्र खंडूरी उत्तराखंड के उन नेताओं में शामिल रहे, जिन्होंने अपनी सादगी, ईमानदार छवि और अनुशासित कार्यशैली से अलग पहचान बनाई। सेना में 36 वर्षों तक सेवा देने के बाद उन्होंने राजनीति में कदम रखा और भाजपा के प्रमुख नेताओं में शुमार हुए। वह दो बार उत्तराखंड के मुख्यमंत्री रहे।
खंडूरी ने अपने राजनीतिक जीवन में भ्रष्टाचार मुक्त शासन और विकास को प्राथमिकता दी। केंद्र सरकार में सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री रहते हुए प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना को आगे बढ़ाने में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका मानी जाती है।
वर्ष 1991 में पहली बार सांसद चुने गए खंडूरी ने गढ़वाल क्षेत्र सहित पूरे उत्तराखंड की राजनीति में मजबूत छाप छोड़ी। मुख्यमंत्री रहते हुए उनकी कड़क प्रशासनिक शैली और साफ-सुथरी राजनीति की चर्चा पूरे देश में हुई।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने उनके निधन पर शोक जताते हुए कहा कि भुवन चंद्र खंडूरी का प्रदेश के विकास और सार्वजनिक जीवन में योगदान हमेशा याद रखा जाएगा।




