सुल्तानपुर नगर पंचायत क्षेत्र स्थित चर्चित मस्जिद की ऊंची मीनारों को हटाने का कार्य शुरू हो गया है। जिला प्रशासन द्वारा परिसर सील करने की चेतावनी दिए जाने के बाद मस्जिद प्रबंधन ने स्वयं मीनार हटाने की प्रक्रिया शुरू कर दी।
जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने बताया कि मस्जिद भवन एवं उसकी ऊंची मीनारों को लेकर सोशल मीडिया में प्रसारित खबरों का संज्ञान लेते हुए पूर्व में मस्जिद प्रबंधन को नोटिस जारी किया गया था। नोटिस के बावजूद अवैध निर्माण नहीं हटाए जाने पर शनिवार को एसडीएम के नेतृत्व में प्रशासनिक टीम मौके पर पहुंची और स्पष्ट चेतावनी दी गई कि यदि अवैध निर्माण नहीं हटाया गया तो परिसर को सील कर दिया जाएगा। इसके बाद मस्जिद प्रबंधन ने स्वयं मीनार हटाने का कार्य शुरू करा दिया।
डीएम ने कहा कि जिस प्रक्रिया से निर्माण किया गया था, उसी प्रकार तकनीकी तरीके से इसे हटाया जाना संभव है। प्रशासन पूरे मामले पर नजर बनाए हुए है।
गौरतलब है कि करीब दस माह पहले सुल्तानपुर क्षेत्र में उत्तराखंड की सबसे बड़ी मस्जिद बनाए जाने और उसकी अत्यधिक ऊंची मीनारों को लेकर मामला चर्चा में आया था। जांच में निर्माण मानकों और आवश्यक अनुमतियों को लेकर कई सवाल उठे थे। बताया गया कि निर्माण के लिए जिला प्रशासन अथवा संबंधित प्राधिकरण से अनुमति नहीं ली गई थी। इसके बाद प्रशासन ने निर्माण कार्य पर रोक लगाते हुए नोटिस जारी किया था।
जानकारी के अनुसार मस्जिद की मीनार की ऊंचाई सामान्य मानकों से कहीं अधिक बताई जा रही थी। प्रशासनिक सूत्रों के मुताबिक भवन निर्माण के लिए न तो नक्शा पास कराया गया था और न ही फायर सेफ्टी, लोक निर्माण विभाग अथवा अन्य संबंधित विभागों से अनापत्ति प्रमाण पत्र लिए गए थे।
उल्लेखनीय है कि सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के अनुसार किसी भी धार्मिक ढांचे के निर्माण से पूर्व जिला प्रशासन की अनुमति आवश्यक मानी गई है, ताकि सरकारी भूमि पर अतिक्रमण और सुरक्षा संबंधी मानकों का पालन सुनिश्चित किया जा सके।
मामले को लेकर क्षेत्र में चर्चाओं का दौर जारी है, जबकि प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि नियमों के विरुद्ध किसी भी निर्माण को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।




