नई दिल्ली। भारतीय रेलवे जल्द ही अपने 40 साल पुराने पैसेंजर रिजर्वेशन सिस्टम (PRS) को बदलने जा रहा है। रेलवे अगस्त 2026 से नया एआई आधारित हाईटेक टिकट बुकिंग सिस्टम लागू करने की तैयारी में है, जिससे टिकट बुकिंग पहले से ज्यादा तेज, आसान और भरोसेमंद हो जाएगी।
रेलवे के अनुसार मौजूदा सिस्टम वर्ष 1986 से काम कर रहा है। अब बढ़ती ऑनलाइन टिकट बुकिंग और यात्रियों की संख्या को देखते हुए आधुनिक तकनीक से लैस नया प्लेटफॉर्म तैयार किया जा रहा है। वर्तमान में करीब 88 प्रतिशत टिकट ऑनलाइन बुक हो रहे हैं, जिसके कारण भारी ट्रैफिक के समय वेबसाइट और ऐप पर दबाव बढ़ जाता है।
नए सिस्टम की सबसे बड़ी खासियत एआई आधारित वेटिंग टिकट कन्फर्मेशन प्रिडिक्शन होगी। रेलवे का दावा है कि नया सिस्टम वेटिंग टिकट के कन्फर्म होने की संभावना 94 प्रतिशत तक सटीकता से बताएगा, जबकि मौजूदा सिस्टम की सटीकता लगभग 53 प्रतिशत है।
इसके अलावा यात्रियों को एक ही प्लेटफॉर्म पर रिजर्व टिकट, अनरिजर्व टिकट, प्लेटफॉर्म टिकट, रिफंड, लाइव ट्रेन स्टेटस, प्लेटफॉर्म जानकारी और कोच पोजिशन जैसी सुविधाएं मिलेंगी। रेलवे अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि नए सिस्टम में बदलाव के दौरान यात्रियों को किसी प्रकार की असुविधा न हो।




