केयर कॉलेज रोहालकी -किशनपुर बहादराबाद में जीएनएम प्रथम वर्ष के छात्र-छात्राओं के अभिभावकों ने अपने बच्चों के साथ आज कालेज प्रबंधन से वार्ता कर अपनी शंकाओं का समाधान किया। वहीं छात्रों ने भी खुलकर अपनी बात रखी , छात्रों ने बताया कुछ बाहरी तत्वों द्वारा उन्हें गुमराह किया गया और कुछ लोगों द्वारा उन्हें जबरदस्ती आंदोलन में भाग लेने को मजबूर किया गया।
विदित है कि तीन दिन पूर्व जीएनएम प्रथम वर्ष के छात्र-छात्राएं कॉलेज की आईएनसी से सम्बद्धता ना होने से नाराज होकर आंदोलन के राह पर चले गए थे। बीते सोमवार को छात्र-छात्राओं ने कॉलेज के बाहर धरना प्रदर्शन किया वहीं कुछ छात्र-छात्रा जिलाधिकारी के जनता दरबार में भी अपनी गुहार लगाने गए थे।
जिलाधिकारी के निर्देश पर तहसीलदार सचिन कुमार ने मौके पर पहुंचकर छात्र-छात्राओं की समस्याओं को लेकर कॉलेज प्रबंधन से वार्ता की, हंगामे के बीच मंगलवार को पुनः प्रशासिनक अधिकारी,कालेज प्रबंधन व छात्र-छात्राओं के बीच वार्ता हुई। पहले दौर की वार्ता में छात्र-छात्राएं अपनी मांग पर अड़े रहे।
स्वस्थ्य विभाग की ओर से अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. रमेश कुँवर व तहसीलदार सचिन कुमार ने बच्चों की मांग पर उत्तराखंड सरकार की मेडिकल शिक्षा नीति,आईएनसी की गाइड लाइन, माननीय न्यायालय के आदेश के सम्बंध में स्टेट नर्सिंग कौंसिल की रजिस्ट्रार से वार्ता कर जीएनएम के लिए आईएनसी की अनिवार्यता तथा कालेज की ओर से उपलब्ध कराए गए प्रमाण पत्रों की जांच कर, स्पष्ट किया गया कि जीएनएम डिप्लोमा कोर्स के लिए आईएनसी की अनिवार्यता की आवश्यता नही है। जिसके बाद पुनः छात्र-छात्राओं से वार्ता की गई। छात्र-छात्राओं को पूरी प्रकिया से अवगत कराते हुए उन्हें लिखित आश्वस्त किया गया कि वह जो कोर्स कर रहे है वह पूर्वतय वैध है। आश्वसान के बाद छात्र-छात्राओ ने अपना धरना प्रदर्शन समाप्त कर दिया था। कालेज प्रबंधन द्वारा बच्चों से अपने अभिभावकों के साथ कालेज आकर वार्ता करने के लिए कहा गया था।
आज गुरुवार को कई बच्चे अपने अभिभावको के साथ कालेज पहुँचे जहाँ पर डायरेक्टर डॉ. प्रीतशिखा शर्मा ने अभिभावकों के समस्त प्रश्न,जिज्ञासा व समस्याओं का समाधान किया गया। कालेज प्रबंधन से वार्ता कर सभी अभिभावक संतुष्ट होकर वापस लौट गए।
कॉलेज मैनेजमेंट द्वारा यह भी कहा गया कि जिन्होंने भी कॉलेज के खिलाफ झूठी भ्रामक खबर या सोशल मीडिया में पोस्ट की है उनके खिलाफ कॉलेज द्वारा कानूनी कार्रवाई की जाएगी ।




