उत्तराखंड के विश्व धरोहर स्थल नंदा देवी राष्ट्रीय उद्यान से वन्यजीव प्रेमियों और वैज्ञानिकों के लिए उत्साहजनक खबर सामने आई है। हाल ही में किए गए जैव विविधता सर्वेक्षण के दौरान उद्यान क्षेत्र में हिमालयन तहर, साइबेरियन वीज़ल (नेवला), हिमालयी काला भालू और पिका जैसे दुर्लभ वन्यजीवों की मौजूदगी दर्ज की गई है। यह क्षेत्र की समृद्ध जैव विविधता और संरक्षण प्रयासों की सफलता का महत्वपूर्ण संकेत माना जा रहा है।
वन विभाग के अधिकारियों के अनुसार नंदा देवी राष्ट्रीय उद्यान लंबे समय से संरक्षित और प्रतिबंधित क्षेत्र रहा है, जिसके कारण यहां का प्राकृतिक पारिस्थितिकी तंत्र काफी हद तक सुरक्षित बना हुआ है। हाल में शुरू हुए जैव निगरानी अभियान के दौरान विभिन्न वन्यजीवों की गतिविधियों के प्रमाण मिले हैं, जिससे क्षेत्र में वन्यजीवों की स्वस्थ आबादी की पुष्टि होती है।
विशेषज्ञों का कहना है कि हिमालयन तहर, हिमालयी काला भालू और पिका जैसे जीव उच्च हिमालयी पारिस्थितिकी तंत्र के महत्वपूर्ण अंग हैं। इनकी मौजूदगी दर्शाती है कि नंदा देवी क्षेत्र का पर्यावरण अभी भी दुर्लभ प्रजातियों के लिए अनुकूल बना हुआ है।
वन विभाग ने इसे संरक्षण के क्षेत्र में सकारात्मक उपलब्धि बताते हुए कहा है कि ऐसे सर्वेक्षण भविष्य की वन्यजीव संरक्षण नीतियों और जलवायु परिवर्तन के प्रभावों के अध्ययन में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।




