पतंजलि योगपीठ के महामंत्री एवं पतंजलि विश्वविद्यालय के कुलपति आचार्य बालकृष्ण का जन्मदिवस मंगलवार को पतंजलि योगपीठ-2 में ‘जड़ी-बूटी दिवस’ के रूप में मनाया गया। इस अवसर पर रक्तदान शिविर, नि:शुल्क स्वास्थ्य जांच, औषधि वितरण, औषधीय पौधों का वितरण तथा 12 नई साक्ष्य आधारित आयुर्वेदिक औषधियों का लोकार्पण किया गया। कार्यक्रम में लगभग 710 यूनिट रक्तदान हुआ और 1500 से अधिक मरीजों की नि:शुल्क स्वास्थ्य जांच की गई।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए स्वामी रामदेव ने कहा कि पतंजलि रिसर्च फाउंडेशन ने आयुर्वेद को वैज्ञानिक प्रमाणों के आधार पर स्थापित करने की दिशा में उल्लेखनीय कार्य किया है। उन्होंने दावा किया कि योग, आयुर्वेद और प्राकृतिक चिकित्सा भविष्य में विश्व चिकित्सा पद्धति के रूप में स्थापित होंगे। उन्होंने भारतीय शिक्षा बोर्ड से देशभर के स्कूलों को जोड़ने की भी बात कही।
आचार्य बालकृष्ण ने कहा कि जन्मदिन केवल उत्सव नहीं, बल्कि श्रेष्ठ कार्यों का संकल्प लेने का अवसर है। उन्होंने मानवता को रोगमुक्त बनाने, वृक्षारोपण, रक्तदान और प्रकृति संरक्षण का संदेश दिया। उन्होंने बताया कि जड़ी-बूटी दिवस के अवसर पर वर्षभर के शोध एवं कार्यों को रिपोर्ट कार्ड के रूप में प्रस्तुत करने की परंपरा निभाई जाती है।
कार्यक्रम में पतंजलि अनुसंधान संस्थान द्वारा विकसित 12 नई साक्ष्य आधारित आयुर्वेदिक औषधियों का लोकार्पण किया गया। साथ ही आचार्य बालकृष्ण द्वारा रचित 40 पुस्तकों का विमोचन भी हुआ, जिनमें वर्ल्ड बॉटनिकल डिक्शनरी, एनसाइक्लोपीडिया ऑफ हर्बल रेमेडीज और एनसाइक्लोपीडिया ऑफ इंडियन हर्ब्स जैसी महत्वपूर्ण कृतियां शामिल हैं।
पतंजलि इमरजेंसी एवं क्रिटिकल केयर हॉस्पिटल के सहयोग से आयोजित स्वास्थ्य शिविर में विशेषज्ञ चिकित्सकों ने विभिन्न रोगों की जांच कर नि:शुल्क औषधियां वितरित कीं। वहीं पतंजलि योग समितियों के माध्यम से नीम, तुलसी, एलोवेरा और आंवला सहित विभिन्न औषधीय पौधों का भी नि:शुल्क वितरण किया गया। कार्यक्रम में पतंजलि परिवार, शिक्षण संस्थानों के शिक्षक, विद्यार्थी, संन्यासी और बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।




