चारधाम यात्रा को सुगम बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण माने जा रहे हेलंग-मारवाड़ी बाईपास के निर्माण कार्य में तेजी आई है। परियोजना के पूरा होने के बाद बदरीनाथ धाम जाने वाले यात्रियों को जोशीमठ के जाम से राहत मिलेगी और यात्रा दूरी में करीब 30 से 33 किलोमीटर तक की कमी आएगी।
ऑल वेदर रोड परियोजना के तहत बन रहा यह बाईपास हेलंग से शुरू होकर मारवाड़ी तक पहुंचेगा। करीब 6.5 किलोमीटर लंबे इस वैकल्पिक मार्ग के निर्माण से बदरीनाथ, हेमकुंड साहिब और फूलों की घाटी जाने वाले श्रद्धालुओं को सीधा एवं तेज मार्ग उपलब्ध होगा। वर्तमान में यात्रियों को हेलंग से जोशीमठ होते हुए विष्णुप्रयाग पहुंचना पड़ता है, जिससे यात्रा समय बढ़ जाता है।
सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) द्वारा निर्मित किए जा रहे इस बाईपास का कार्य जोशीमठ भू-धंसाव प्रकरण के कारण कुछ समय के लिए प्रभावित हुआ था, लेकिन तकनीकी जांच के बाद निर्माण कार्य दोबारा शुरू कर दिया गया। परियोजना पूरी होने पर जोशीमठ क्षेत्र में लगने वाले लंबे ट्रैफिक जाम से भी काफी हद तक राहत मिलने की उम्मीद है।
सामरिक दृष्टि से भी यह मार्ग महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि इससे चीन सीमा क्षेत्र की ओर सेना की आवाजाही अधिक सुगम होगी। स्थानीय प्रशासन और संबंधित एजेंसियों का मानना है कि बाईपास बनने से चारधाम यात्रा के दौरान यातायात प्रबंधन बेहतर होगा और श्रद्धालुओं का सफर अधिक सुरक्षित एवं सुविधाजनक बनेगा।




