देहरादून, 17 अप्रैल 2026। चारधाम यात्रा को सुगम और सुरक्षित बनाने के लिए इस बार परिवहन विभाग ने नई व्यवस्था लागू करने का निर्णय लिया है। अब यात्रा मार्ग पर जहां भी भूस्खलन के कारण रास्ता बाधित होगा, वहीं से तत्काल शटल सेवा संचालित की जाएगी, ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की परेशानी न हो।
परिवहन मंत्री प्रदीप बत्रा ने बताया कि विभाग ने यात्रा को लेकर सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं और अधिकारी फील्ड में तैनात रहकर व्यवस्थाओं को अंतिम रूप दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि तीर्थयात्रियों की सुविधा और सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है।
उन्होंने यह भी बताया कि अब तक केवल सोनप्रयाग से गौरीकुंड तक ही शटल सेवा संचालित होती थी, लेकिन इस बार भूस्खलन वाले किसी भी स्थान पर जरूरत पड़ने पर शटल सेवा शुरू की जाएगी। इसका उद्देश्य यह है कि यात्रियों को तुरंत वैकल्पिक परिवहन सुविधा मिल सके और यात्रा बाधित न हो।
इसके अलावा पहली बार यात्रा में आने वाले श्रद्धालुओं को उल्टी या अन्य आवश्यकताओं के लिए विशेष बैग भी उपलब्ध कराए जाएंगे। सरकार का लक्ष्य है कि चारधाम यात्रा 2026 को अधिक सुरक्षित, व्यवस्थित और श्रद्धालु-friendly बनाया जाए।
चारधाम यात्रा के मद्देनजर प्रशासन द्वारा लगातार व्यवस्थाओं को मजबूत किया जा रहा है, ताकि लाखों श्रद्धालुओं की यात्रा सुचारू रूप से संपन्न हो सके।




