उत्तराखंड के चुनाव के मद्देनज़र अधिवक्ता जतिन दुग्गल ने अपना घोषणा पत्र जारी करते हुए संगठन को मजबूत और पारदर्शी बनाने का संकल्प व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि अधिवक्ताओं के हितों की रक्षा और उनके अकादमिक तथा आर्थिक सशक्तिकरण के लिए ठोस कदम उठाए जाएंगे।
जतिन दुग्गल ने कहा कि अधिवक्ताओं के अकादमिक प्रोत्साहन के लिए “एकेडमिक प्रोत्साहन छूट” लागू की जाएगी। साथ ही, वरिष्ठ और बीमार अधिवक्ताओं को मेडिकल सहायता राशि एक माह के भीतर उपलब्ध कराने का प्रयास किया जाएगा।
नए अधिवक्ताओं के लिए उन्होंने तीन वर्ष तक प्रति माह पाँच हजार रुपये की आर्थिक सहायता देने, अधिवक्ता पेंशन योजना को साकार करने और टोल टैक्स में छूट दिलाने का वादा किया। साथ ही किसी भी अधिवक्ता के विरुद्ध एफआईआर से पूर्व बार काउंसिल की स्वीकृति आवश्यक करने और रजिस्ट्रेशन व लाइसेंस नवीनीकरण की प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने की बात कही।
उन्होंने वर्ष 2025-26 तक सभी अधिवक्ताओं का बार रजिस्ट्रेशन पूर्ण करने का लक्ष्य रखा है। साथ ही अधिवक्ताओं और उनके परिवारों की सुरक्षा के लिए बीमा राशि को दस लाख रुपये तक बढ़ाने का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि किसी अधिवक्ता की आकस्मिक मृत्यु या दुर्घटना की स्थिति में बार काउंसिल की टीम तत्काल सहयोग प्रदान करेगी।
जतिन दुग्गल ने अधिवक्ताओं से अपील की कि वे अपने सुझाव देकर संगठन को मजबूत बनाने में सहयोग करें। उन्होंने कहा कि “बार काउंसिल उत्तराखंड को सशक्त, पारदर्शी और अधिवक्ता हितैषी बनाना हमारा लक्ष्य है।”




