हरिद्वार/ अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष श्री महंत डॉ. रवींद्र पुरी महाराज ने अखाड़ों पर लगे आरोपों का कड़ा खंडन किया है। हाल ही में सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हुआ था, जिसमें महामंडलेश्वर पद की उपाधि देने के बदले पैसों का लेन-देन होने का दावा किया जा रहा था। अखाड़ा परिषद अध्यक्ष ने इस वायरल वीडियो को पूरी तरह से फर्जी और भ्रामक करार दिया है।
डॉ. रवींद्र पुरी ने स्पष्ट किया कि सनातन परंपरा और अखाड़ों की एक मर्यादा है। महामंडलेश्वर जैसी उच्च धार्मिक उपाधियां किसी भी व्यक्ति को उसकी साधना, सनातन धर्म के प्रति समर्पण और योग्यता के आधार पर दी जाती हैं, न कि किसी आर्थिक लेन-देन के बल पर। उन्होंने कहा कि कुछ असामाजिक तत्व और षड्यंत्रकारी अखाड़ों और सनातन धर्म की छवि को धूमिल करने के उद्देश्य से ऐसे कूट रचित (एडिटेड/फेक) वीडियो बनाकर फैला रहे हैं।
अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष ने चेतावनी देते हुए कहा कि धार्मिक संस्थाओं की साख से खिलवाड़ करने वाले ऐसे तत्वों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने श्रद्धालुओं और संत समाज से अपील की है कि सोशल मीडिया पर चल रही इस तरह की किसी भी भ्रामक खबर या असत्य वीडियो पर ध्यान न दें।



