काली सेना के परमाध्यक्ष स्वामी आनंद स्वरूप ने देश के समस्त नागरिकों को 15 अगस्त, स्वतंत्रता दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं एवं बधाई दी। उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता दिवस केवल उत्सव मनाने का अवसर नहीं, बल्कि उन वीर स्वतंत्रता सेनानियों के त्याग, तपस्या और बलिदान को स्मरण करने का पावन दिन है, जिनके संघर्ष के कारण आज हम स्वतंत्र भारत में सांस ले रहे हैं।
स्वामी आनंद स्वरूप ने कहा कि भारत की स्वतंत्रता असंख्य वीरों के संघर्ष और बलिदान का परिणाम है। देश की एकता, अखंडता और संप्रभुता की रक्षा करना प्रत्येक नागरिक का कर्तव्य है। हमें अपने स्वतंत्रता सेनानियों के आदर्शों को जीवन में अपनाते हुए राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखना चाहिए और भारत की गौरवशाली संस्कृति, परंपराओं एवं सनातन मूल्यों के संरक्षण के लिए सदैव प्रयासरत रहना चाहिए।
उन्होंने देशवासियों से आह्वान किया कि स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर हम सभी राष्ट्र की प्रगति, सामाजिक समरसता और आपसी भाईचारे को मजबूत करने का संकल्प लें। भारत की शक्ति उसकी विविधता में एकता और उसकी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत में निहित है। युवाओं को राष्ट्र निर्माण में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हुए शिक्षा, संस्कार, अनुशासन और सेवा के मार्ग पर आगे बढ़ना चाहिए।
स्वामी आनंद स्वरूप ने कहा कि आजादी का वास्तविक अर्थ तभी सार्थक होगा, जब प्रत्येक नागरिक अपने अधिकारों के साथ-साथ अपने कर्तव्यों के प्रति भी जागरूक हो। उन्होंने सभी देशवासियों के सुख, समृद्धि और उज्ज्वल भविष्य की मंगलकामना करते हुए स्वतंत्रता दिवस की पुनः हार्दिक शुभकामनाएं प्रेषित कीं।




