सावन शिवरात्रि के पावन पर्व पर मंगलवार को देवभूमि के शिवालय हर-हर महादेव के जयघोष से गूंज उठे। सुबह से ही मंदिरों में भगवान शिव के जलाभिषेक और दुग्धाभिषेक के लिए श्रद्धालुओं की लंबी कतारें लगी रहीं। भक्तों ने विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर भगवान भोलेनाथ से सुख-समृद्धि और परिवार की खुशहाली की कामना की।
ज्योतिषाचार्यों के अनुसार इस वर्ष सावन शिवरात्रि पर करीब 135 वर्षों बाद कई दुर्लभ ज्योतिषीय संयोग बने। इस दौरान गजकेसरी योग, गुरु आदित्य योग, बुध आदित्य योग और पंचग्रही योग का विशेष संयोग बताया गया। इन शुभ संयोगों के कारण पर्व का धार्मिक महत्व और बढ़ गया।
सुबह से ही शिव मंदिरों में श्रद्धालुओं का पहुंचना शुरू हो गया था। भक्त बेलपत्र, धतूरा, पुष्प और गंगाजल लेकर शिवलिंग पर अर्पित करते नजर आए। मंदिरों में विशेष पूजा-अर्चना, रुद्राभिषेक और भजन-कीर्तन का आयोजन भी किया गया। हर-हर महादेव और बम-बम भोले के जयकारों से पूरा वातावरण भक्तिमय बना रहा।
सावन शिवरात्रि को लेकर मंदिर समितियों और प्रशासन की ओर से श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए व्यवस्थाएं की गई थीं। श्रद्धालुओं ने श्रद्धा और उत्साह के साथ भगवान शिव का जलाभिषेक कर पुण्य अर्जित किया।चाहें तो मैं इसे हरिद्वार-केंद्रित खबर बनाकर और ज्यादा स्थानीय एवं अखबारी अंदाज में भी तैयार कर सकता हूं।




