आधुनिक दौर की Gen Z पीढ़ी को अक्सर तकनीक और सोशल मीडिया से जोड़कर देखा जाता है, लेकिन कांवड़ यात्रा में इस पीढ़ी की एक अलग तस्वीर सामने आई। हरिद्वार से गंगाजल लेकर अपने गंतव्य की ओर बढ़ते युवा कांवड़ियों के कंधों पर कांवड़ और मन में भोलेनाथ के प्रति गहरी आस्था नजर आई।
कांवड़ यात्रा के दौरान युवाओं ने भक्ति के साथ अनुशासन और संयम का भी परिचय दिया। कठिन रास्तों, गर्मी और लंबी दूरी के बावजूद उनके कदम रुके नहीं। बोल बम और हर-हर महादेव के जयघोष के बीच युवा श्रद्धालु पूरी श्रद्धा के साथ यात्रा करते दिखाई दिए।
इन कांवड़ियों के लिए यह यात्रा केवल धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि अपनी परंपराओं और संस्कारों से जुड़ने का माध्यम भी बनी। आधुनिक जीवनशैली के बीच युवाओं का पारंपरिक धार्मिक यात्रा में बढ़ता जुड़ाव यह संदेश देता नजर आया कि तकनीक के साथ कदमताल करने वाली नई पीढ़ी अपनी जड़ों और संस्कृति को भी संजोए हुए है।
कई युवा कांवड़िए यात्रा के दौरान खान-पान, स्वच्छता और आचरण को लेकर भी विशेष सतर्क नजर आए। साथियों के साथ कदम मिलाकर चलना, एक-दूसरे की मदद करना और यात्रा के नियमों का पालन करना उनके अनुशासन की झलक दिखा रहा था।
हरिद्वार की सड़कों पर उमड़े इस युवा सैलाब ने कांवड़ यात्रा के बदलते स्वरूप की तस्वीर पेश की। कंधों पर कांवड़ और दिल में संस्कार लिए Gen Z के ये शिवभक्त बता रहे हैं कि आधुनिकता के बीच आस्था और परंपरा की डोर आज भी मजबूत है।




