वंदे मातरम् की रचना के 150 वर्ष पूरे होने के अवसर पर शुक्रवार को ‘नमामि भारतम्-एक समय, एक लय, एक स्वर’ अभियान के तहत हरिद्वार के सरस्वती विद्या मंदिर मायापुर और बीएचईएल सेक्टर-2 में सामूहिक वंदे मातरम् गायन का आयोजन किया गया। हजारों विद्यार्थियों, शिक्षकों, अभिभावकों और अतिथियों ने एक साथ राष्ट्रगीत का गायन किया।
सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कॉलेज मायापुर में सुबह 11 बजे आयोजित कार्यक्रम में उछाली आश्रम के परमाध्यक्ष विष्णुदास महाराज के सानिध्य और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ पश्चिमी उत्तर प्रदेश क्षेत्र के क्षेत्र प्रचार प्रमुख पदम के मुख्य उद्बोधन में सामूहिक गायन हुआ। इस दौरान विद्यालय के विद्यार्थियों और आचार्यों ने एक साथ वंदे मातरम् का गायन किया। कार्यक्रम में विद्या भारती उत्तराखंड के प्रदेश निरीक्षक डॉ. विजयपाल सिंह समेत विद्यालय प्रबंधन समिति के पदाधिकारी और अन्य गणमान्य लोग मौजूद रहे।
मुख्य वक्ता पदम ने कहा कि वंदे मातरम् केवल गीत नहीं, बल्कि राष्ट्र की चेतना और मातृभूमि के प्रति गौरव का प्रतीक है। उन्होंने बताया कि विद्या भारती के मार्गदर्शन में देशभर में 25 हजार से अधिक स्थानों पर एक करोड़ से अधिक विद्यार्थियों, शिक्षकों, अभिभावकों और नागरिकों ने एक साथ वंदे मातरम् का गायन किया। उत्तराखंड में 552 स्थानों पर करीब दो लाख लोगों ने इसमें भागीदारी की।
प्रदेश निरीक्षक डॉ. विजयपाल सिंह ने कहा कि इस तरह के आयोजन नई पीढ़ी को देश की गौरवशाली परंपराओं और संस्कारों से जोड़ने का माध्यम हैं। आयोजन को एशिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स और इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में दर्ज कराने के लिए प्रमाणन की प्रक्रिया भी की जा रही है।
बीएचईएल में 3930 लोगों ने लिया हिस्सा
सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कॉलेज सेक्टर-2, बीएचईएल रानीपुर में भी सामूहिक वंदे मातरम् गायन का आयोजन हुआ। इसमें कुल 3930 लोगों ने भाग लिया। इनमें 2773 छात्र-छात्राएं, 981 अभिभावक, 161 शिक्षक-शिक्षिकाएं और 15 अतिथि शामिल रहे।
कार्यक्रम का शुभारंभ अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद एवं मनसा देवी मंदिर ट्रस्ट के अध्यक्ष श्रीमहंत रविंद्रपुरी, विद्या भारती उत्तराखंड के मंत्री डॉ. रजनीकांत शुक्ल, संघ के विभाग प्रचारक राकेश, पूर्व भेल नगर प्रशासक संजय पवार, जिला संघ चालक डॉ. यतीन्द्र नागियान और पार्षद अनुज सिंह ने दीप प्रज्ज्वलन एवं वंदना के साथ किया।
डॉ. रजनीकांत शुक्ल ने वंदे मातरम् के 150 वर्षों के इतिहास पर प्रकाश डालते हुए कहा कि इस गीत ने स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान राष्ट्रप्रेम और स्वाभिमान की भावना को जागृत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। संघ के विभाग प्रचारक राकेश ने कहा कि वंदे मातरम् मातृभूमि के प्रति श्रद्धा और समर्पण का भाव है, जिसे व्यवहार में भी उतारना चाहिए।
मुख्य अतिथि श्रीमहंत रविंद्रपुरी ने कहा कि हजारों बच्चों का एक साथ वंदे मातरम् गाना भारत की एकता का अद्भुत दृश्य है। आचार्य कमलेश के एकल गीत ने भी उपस्थित लोगों को भावविभोर कर दिया। सत्यापन अधिकारी संजय पवार ने आयोजन का सत्यापन किया। प्रधानाचार्य लोकेंद्र अंथवाल और मायापुर के प्रधानाचार्य अजय सिंह ने सभी अतिथियों, शिक्षकों, अभिभावकों और विद्यार्थियों का आभार जताया।




