हरिद्वार: आगामी सितंबर माह में गुजरात में आयोजित होने वाले भव्य ‘समरसता कार्यक्रम’ के लिए संतों के एक प्रतिनिधिमंडल ने हरिद्वार स्थित श्री पंचायती अखाड़ा निरंजनी में दस्तक दी। प्रतिनिधिमंडल में महामंडलेश्वर राजेंद्र गिरी, स्वामी हर्षानंद गिरी, स्वामी गोविंद गिरी एवं वेणु भाई गुजरात से हरिद्वार पहुंचे। उन्होंने अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष एवं निरंजनी अखाड़े के श्री महंत डॉ. रविंद्र पुरी महाराज से मुलाकात कर उन्हें इस कार्यक्रम मे सम्मिलित होने का आधिकारिक निमंत्रण दिया।
अखाड़ा परिसर में तमाम साधु-संतों एवं गणमान्य लोगों की मौजूदगी में श्री महंत डॉ. रविंद्र पुरी ने गुजरात से आए सभी संतों का भव्य स्वागत एवं अभिनंदन किया। इस अवसर पर उन्होंने संतों के जप-तप, त्याग और उनकी महानता पर प्रकाश डालते हुए भारतीय संस्कृति के संवर्धन में उनके योगदान की सराहना की।
कार्यक्रम के दौरान मुख्य आकर्षण का केंद्र स्वामी हर्षानंद गिरी रहे। स्वामी हर्षानंद, जिन्हें मुख से बिना किसी वाद्य यंत्र के शंख ध्वनि निकालने की अद्भुत सिद्धि प्राप्त है, उन्होंने अपनी गुंजायमान शंख ध्वनि, मधुर भजनों और विभिन्न योग कलाओं के प्रदर्शन से उपस्थित सभी संतों एवं भक्तों का मन मोह लिया। संपूर्ण अखाड़ा परिसर स्वामी जी की शंख ध्वनि से भक्तिमय हो उठा।
अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद अध्यक्ष श्री महंत डॉ. रविंद्र पुरी का बयान:
“गुजरात की पावन धरा पर होने वाला समरसता कार्यक्रम सनातन धर्म की एकजुटता और सामाजिक समरसता को सुदृढ़ करने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम है। गुजरात से पधारे हमारे पूज्य संत जन उच्च कोटि के तपस्वी हैं। स्वामी हर्षानंद जी की शंख ध्वनि और योग साधना ईश्वर की कृपा का प्रत्यक्ष उदाहरण है। इस प्रकार के आयोजन समाज में भाईचारा, धर्म निष्ठा और सांस्कृतिक चेतना को नया विस्तार देते हैं। इस समरसता महोत्सव के लिए हमारी ओर से अनंत शुभकामनाएं हैं।”




