देहरादून में इन दिनों सांप के डसने के मामलों में तेजी से बढ़ोतरी दर्ज की गई है। विशेषज्ञों के अनुसार पिछले कुछ समय में ऐसे मामलों में करीब पांच गुना इजाफा हुआ है। इसका प्रमुख कारण शीतनिद्रा (ब्रूमेशन) से पहले जहरीले सांपों का अधिक सक्रिय और आक्रामक होना माना जा रहा है।
चिकित्सकों का कहना है कि बारिश के मौसम में सांप अपने बिलों से बाहर निकलकर रिहायशी क्षेत्रों और खेतों की ओर पहुंच रहे हैं। ऐसे में लोगों को विशेष सतर्कता बरतने की जरूरत है। स्वास्थ्य विभाग ने अस्पतालों में एंटी स्नेक वेनम (एएसवी) की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने के साथ ही लोगों से सांप के काटने पर झाड़-फूंक के बजाय तुरंत अस्पताल पहुंचने की अपील की है।
विशेषज्ञों ने सलाह दी है कि रात में टॉर्च का प्रयोग करें, खेतों या झाड़ियों में जाते समय जूते पहनें और घर के आसपास झाड़-झंखाड़ साफ रखें। समय पर इलाज मिलने से अधिकांश मामलों में मरीज की जान बचाई जा सकती है।




