राम मंदिर में चढ़ावे और दानराशि को लेकर चल रहे विवाद के बीच रामलला के स्वर्ण मुकुट की कथित चोरी का मामला एक बार फिर चर्चा में आ गया है। मंदिर की दान पेटिकाओं और चढ़ावे के प्रबंधन में कथित अनियमितताओं के आरोपों के बाद अब सुरक्षा व्यवस्था और बहुमूल्य आभूषणों की निगरानी को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं।
मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, पूर्व में रामलला के स्वर्ण मुकुट और अन्य बहुमूल्य आभूषणों के गायब होने के आरोप सामने आए थे। हाल के दिनों में चढ़ावे की गिनती और प्रबंधन में गड़बड़ी के दावों ने इस मुद्दे को फिर सुर्खियों में ला दिया है। आरोपों के बीच मंदिर ट्रस्ट की कार्यप्रणाली और सुरक्षा प्रबंधों पर विपक्षी दलों तथा विभिन्न संगठनों ने सवाल उठाए हैं।
मामले की गंभीरता को देखते हुए उत्तर प्रदेश सरकार ने जांच के लिए विशेष जांच दल (एसआईटी) गठित किया है। एसआईटी द्वारा पूरे प्रकरण की जांच की जा रही है, जबकि विभिन्न राजनीतिक दल और सामाजिक संगठन निष्पक्ष एवं पारदर्शी जांच की मांग कर रहे हैं।
उधर, श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के पदाधिकारियों ने अनियमितताओं के आरोपों का खंडन करते हुए व्यवस्था को पारदर्शी बताया है। हालांकि, चढ़ावे और मंदिर की बहुमूल्य संपत्तियों से जुड़े विवादों ने श्रद्धालुओं के बीच चिंता बढ़ा दी है और जांच रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है।




