श्रीवास्तव ने कहा कि अयोध्या में भगवान श्रीराम का मंदिर करोड़ों हिन्दुओं की आस्था का प्रतीक है, जिसके निर्माण के लिए देश-विदेश के श्रद्धालुओं ने श्रद्धापूर्वक दान दिया है। ऐसे में यदि दानराशि या चढ़ावे के प्रबंधन में किसी प्रकार की गड़बड़ी हुई है तो यह केवल वित्तीय अनियमितता नहीं, बल्कि करोड़ों श्रद्धालुओं के विश्वास से जुड़ा गंभीर विषय है।
उन्होंने मंदिर ट्रस्ट अथवा उससे जुड़े व्यक्तियों और कर्मचारियों की दानराशि, नकदी, स्वर्ण, रजत एवं अन्य संपत्तियों तक पहुंच, सुरक्षा व्यवस्था और निगरानी प्रणाली की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की। साथ ही कहा कि यदि किसी व्यक्ति की भूमिका संदिग्ध पाई जाती है तो उसके खिलाफ निष्पक्ष कार्रवाई की जानी चाहिए
डॉ. श्रीवास्तव ने कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार ने मामले की जांच के लिए विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया है, लेकिन प्रकरण की गंभीरता और व्यापक जनआस्था को देखते हुए सीबीआई से स्वतंत्र जांच आवश्यक है। उन्होंने दानराशि एवं चढ़ावे का विशेष फॉरेंसिक ऑडिट कराने की भी मांग की है।




