उत्तराखंड में आगामी चुनावों से पहले कांग्रेस पार्टी के भीतर गुटबाजी खुलकर सामने आने लगी है। संगठन में आपसी खींचतान के चलते पार्टी के वरिष्ठ नेता और पूर्व प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल खुद को चुनावी मोर्चे पर अकेला महसूस कर रहे हैं।
सूत्रों के अनुसार, प्रदेश कार्यकारिणी के गठन को लेकर अभी तक कोई ठोस निर्णय नहीं हो पाया है, जिससे कार्यकर्ताओं में असमंजस की स्थिति बनी हुई है। पार्टी के अंदर विभिन्न नेताओं के बीच मतभेद और वर्चस्व की लड़ाई लगातार बढ़ती जा रही है, जिसका सीधा असर संगठन की मजबूती पर पड़ रहा है।
बताया जा रहा है कि संगठनात्मक फैसलों में देरी और स्पष्ट नेतृत्व के अभाव के चलते गोदियाल को कई बार खुद ही मोर्चा संभालना पड़ रहा है। ऐसे में उन्हें न सिर्फ विपक्ष के हमलों का सामना करना पड़ रहा है, बल्कि पार्टी के भीतर की खींचतान से भी जूझना पड़ रहा है।
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि यदि कांग्रेस जल्द ही आंतरिक मतभेदों को दूर नहीं करती, तो आगामी चुनावों में इसका खामियाजा उठाना पड़ सकता है। फिलहाल, पार्टी नेतृत्व स्थिति को संभालने और संगठन को एकजुट करने के प्रयासों में जुटा हुआ है।




