उत्तराखंड में अंकिता भंडारी हत्याकांड को लेकर राजनीतिक और सामाजिक तनाव एक बार फिर बढ़ गया है। शनिवार को कांग्रेस पार्टी ने राज्य के विभिन्न हिस्सों में विरोध प्रदर्शन, धरना और रैलियाँ निकालकर आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई, सीबीआई जांच और कथित ‘वीआईपी’ का नाम उजागर करने की मांग की।
• ऋषिकेश में महिला कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ज्योति रौतेला के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने यमकेश्वर विधायक के आवास का घेराव किया और कहा कि सरकार को बताना चाहिए कि मामला किस ‘वीआईपी’ से जुड़ा है। पुलिस ने भारी बल के साथ प्रदर्शनकारियों को नियंत्रित किया।
• रुद्रपुर में कांग्रेसियों ने कलेक्ट्रेट तक कूच किया; पुलिस के साथ धक्का-मुक्की भी हुई और प्रदर्शनकारियों ने परिसर में धरना दिया।
• नैनीताल, गोपेश्वर सहित कई जिलों में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने कैंडल मार्च और अन्य विरोध कार्यक्रम आयोजित किए तथा दोषियों को सख्त सजा देने की योजना बनाई।
• काशीपुर में कांग्रेस नेताओं ने एसडीएम कार्यालय के बाहर धरना प्रदर्शन कर आरोपियों के खिलाफ FIR दर्ज करने की अपील की।
कांग्रेस का आरोप है कि मामले में अभी तक पूर्ण न्याय नहीं मिला है और कथित वीआईपी के नाम का खुलासा होना चाहिए। पार्टी ने सीबीआई से निष्पक्ष जांच कराने और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग दोहराई है।
वहीं, राज्य सरकार ने कहा है कि यदि विश्वसनीय साक्ष्य सामने आते हैं तो किसी भी जांच के लिए तैयार है, और पहले से गठित SIT जांच को न्यायालयों ने मान्य बताया है।
अंकिता भंडारी (19) को 2022 में रिषिकेश के वनतंरा रिज़ॉर्ट में उसकी मर्जी के खिलाफ कथित रूप से ‘अतिरिक्त सेवाएँ’ देने से मना करने के बाद हत्या का शिकार बनाया गया था, जिसके आरोपियों को जीवन-पर्यंत कैद की सजा सुनाई गई थी।




