राष्ट्र संचालन के लिए धर्म नीति आवश्यक है। धर्म की रक्षा होगी तभी राष्ट्र सुरक्षित रहेगा। यह विचार जगतगुरु शंकराचार्य स्वामी राजराजेश्वराश्रम महाराज ने ऋषिकुल सभागार में आयोजित धर्म रक्षक धामी पुस्तक के विमोचन समारोह में व्यक्त किए।
सनातन सद्भावना समिति द्वारा आयोजित कार्यक्रम में जगतगुरु शंकराचार्य ने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा देवभूमि उत्तराखंड में अवैध गतिविधियों और राष्ट्र-विरोधी मानसिकता के विरुद्ध की गई कार्रवाई राष्ट्र और धर्म की रक्षा की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है, जिसे लेखिकाओं डॉ. सोनाली मिश्रा एवं रीना मानसेरा ने पुस्तक के रूप में लिपिबद्ध कर सराहनीय कार्य किया है।
निरंजन पीठाधीश्वर आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी कैलाशानन्द गिरी महाराज ने कहा कि धामी सरकार की सख्ती से जिहादी मानसिकता के लोग परेशान हैं और राज्य छोड़ने को मजबूर हो रहे हैं।
अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद अध्यक्ष एवं मां मनसा देवी मंदिर ट्रस्ट अध्यक्ष श्रीमहंत रविंद्र पुरी महाराज ने कहा कि यह पुस्तक मुख्यमंत्री धामी के कार्यों को जन-जन तक पहुंचाने का माध्यम बनेगी और प्रदेश को नई ऊर्जा देगी।
पूर्व राज्यपाल एवं पूर्व मुख्यमंत्री भगत सिंह कोश्यारी ने मुख्यमंत्री धामी को युवाओं का प्रेरणास्रोत बताते हुए कहा कि धर्म और राष्ट्र सेवा के प्रति उनका समर्पण अनुकरणीय है।
पूर्व केंद्रीय राज्यमंत्री एवं नैनीताल सांसद अजय भट्ट ने कहा कि यह पुस्तक प्रदेश की जनता के लिए एक वैचारिक दस्तावेज है, जिससे युवा पीढ़ी को मुख्यमंत्री के कार्यों को समझने का अवसर मिलेगा।
कार्यक्रम में महामंडलेश्वर स्वामी डॉ. शाश्वतानन्द गिरी, स्वामी रूपेंद्र प्रकाश, स्वामी ललितानन्द, स्वामी यतीश्वरानंद सहित अनेक संतों ने लेखिकाओं को शुभकामनाएं दीं।
पुस्तक का परिचय डॉ. सोनाली मिश्रा ने दिया, जबकि आभार रीना मानसेरा ने व्यक्त किया। कार्यक्रम का संचालन डॉ. देवेंद्र भसीन ने किया।
इस अवसर पर राज्यसभा सांसद कल्पना सैनी, राज्य मंत्री विनय रोहिल्ला, महापौर किरण जैसल, भाजपा जिला अध्यक्ष आशुतोष शर्मा सहित बड़ी संख्या में संत, जनप्रतिनिधि, बुद्धिजीवी एवं गणमान्य लोग उपस्थित रहे।




