देहरादून, 17 अप्रैल 2026। उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने अपने डिफेंस कॉलोनी स्थित आवास पर अनोखी ‘तरबूज-खरबूज पार्टी’ का आयोजन कर एक बार फिर सियासी हलकों में चर्चा बटोरी। इस आयोजन के माध्यम से उन्होंने स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देने के साथ-साथ राजनीतिक संदेश भी दिया।
इस दौरान हरीश रावत ने ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि इस कानून को तत्काल प्रभाव से लागू किया जाना चाहिए। उन्होंने अधिनियम का समर्थन करते हुए कहा कि महिलाओं को राजनीतिक भागीदारी में अधिक अवसर मिलना आवश्यक है।
हालांकि उन्होंने परिसीमन (डिलिमिटेशन) को लेकर उठ रहे सवालों पर भी चिंता जताई और इस विषय पर सर्वदलीय बैठक बुलाकर समाधान निकालने की बात कही।
बताया जा रहा है कि यह फल पार्टी केवल एक सामान्य आयोजन नहीं थी, बल्कि इसके जरिए रावत ने अपनी सक्रिय राजनीतिक मौजूदगी का भी संकेत दिया। इससे पहले भी वे इस तरह के आयोजनों के माध्यम से जनता से जुड़ने और स्थानीय उत्पादों को प्रोत्साहित करने की पहल करते रहे हैं।
राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, इस आयोजन ने एक बार फिर राज्य की सियासत में हलचल पैदा कर दी है और आगामी समय में इसके व्यापक राजनीतिक मायने निकाले जा रहे हैं।




