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सांस्कृतिक विरासत की बागडोर सँभालने में सक्षम

एस.एम.जे.एन. महाविद्यालय में उत्तराखंड राज्य स्थापना दिवस के रजत जयंती समारोह की श्रृंखला के अंतर्गत सोमवार को उत्तराखंड की लोकसंस्कृति, इतिहास और परंपराओं पर आधारित प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। प्रतियोगिता में सात टीमों ने प्रतिभाग किया।

 

कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो. सुनील कुमार बत्रा ने कहा कि इस प्रकार के आयोजन युवाओं को अपनी सांस्कृतिक विरासत से जोड़ने का सशक्त माध्यम हैं। उन्होंने कहा कि “उत्तराखंड के युवा राज्य की सांस्कृतिक विरासत की बागडोर संभालने में पूर्णतः सक्षम हैं और वह दिन दूर नहीं जब उत्तराखंड पूरे भारत की सांस्कृतिक पहचान बनेगा।”

 

अधिष्ठाता छात्र कल्याण डॉ. संजय कुमार माहेश्वरी ने कहा कि छात्रों में ज्ञान और जागरूकता देखकर प्रसन्नता होती है। प्रतियोगिता में राजनीति विज्ञान विभागाध्यक्ष विनय थपलियाल ने विशेषज्ञ की भूमिका निभाई और प्रश्नों पर ज्ञानवर्धक टिप्पणी दी।

 

कार्यक्रम के समापन पर बीएससी प्रथम वर्ष की छात्रा सलोनी ने प्रसिद्ध पर्वतीय गीत “बेडू पाको बारामासा” प्रस्तुत कर वातावरण को सुरमयी बना दिया।

 

प्रतियोगिता में बी.कॉम की खुशबू त्यागी, इल्मा, अदिति, निकिता बिष्ट तथा बी.एससी. की संगीता बिष्ट की टीम ने प्रथम स्थान प्राप्त किया।

द्वितीय स्थान पर बी.कॉम की समता शर्मा, यशिका, ऋषभ जैन और बी.एससी. की मीनाक्षी पुनेठा, नेहा की टीम रही, जबकि तृतीय स्थान एम.ए. की ममता कुमारी, दीपा और तनीषा की टीम ने प्राप्त किया।

 

निर्णायक मंडल में डॉ. आशा शर्मा, डॉ. पूर्णिमा सुन्दरियाल और डॉ. अनुरिषा शामिल रहीं।

कार्यक्रम का संयोजन डॉ. मीनाक्षी शर्मा, डॉ. पल्लवी और दीपिका आनंद ने किया, जबकि डॉ. अमिता मल्होत्रा और गौरव बंसल सहसंयोजक रहे।

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