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प्रेमनगर आश्रम के सैकड़ों स्वयंसेवकों ने चलाया स्वच्छता अभियान, गंगा से हटाया सैकड़ों क्विंटल कूड़ा

कुंभ मेला-2027 से पहले हरिद्वार में गंगा घाटों को स्वच्छ और सुंदर बनाने के लिए चलाए जा रहे अभियान में रविवार को प्रेमनगर आश्रम के सैकड़ों स्वयंसेवकों ने श्रमदान किया। उत्तराखंड के कैबिनेट मंत्री एवं प्रेमनगर आश्रम के परमाध्यक्ष सतपाल महाराज के मार्गदर्शन में आश्रम प्रबंधक पवन कुमार और अनुज रावत के नेतृत्व में स्वयंसेवकों ने गंग नहर बंदी के दौरान घाटों और नहर के पाट में जमा कूड़ा-कचरा हटाया। अभियान के दौरान सैकड़ों क्विंटल कचरा एकत्र कर ट्रैक्टर-ट्रॉलियों के माध्यम से नगर निगम के निस्तारण स्थल पर भिजवाया गया।

स्वच्छता अभियान की शुरुआत प्रेमनगर चौक के समीप स्थित प्रेमनगर आश्रम घाट से हुई। इसके बाद आसपास के छोटे-बड़े घाटों पर भी सफाई की गई। स्वयंसेवकों ने नहर के पाट में जमा पुराने कपड़े, पॉलीथीन, घास-फूस, गाद और अन्य कचरे को हाथों से निकालकर एकत्र किया। इसके साथ ही घाटों की सीढ़ियों और रपटों की भी सफाई की गई।

आश्रम के महाप्रबंधक महात्मा सौम्यानंद ने कहा कि गंगा की स्वच्छता ही उसकी वास्तविक सेवा है। गंग नहर बंदी के दौरान घाटों और नहर में जमा कचरे को हटाना बेहद जरूरी है। यदि समय रहते सफाई नहीं की गई तो नहर में पानी छोड़े जाने के बाद यही कचरा गंगा में बहकर श्रद्धालुओं के लिए परेशानी का कारण बनेगा। उन्होंने कहा कि गंगा की निर्मलता बनाए रखने के लिए सभी को मिलकर प्रयास करने होंगे।

अभियान के दौरान पहुंचे मुख्य विकास अधिकारी डॉ. ललित नारायण मिश्र ने स्वयंसेवकों का उत्साहवर्धन किया। उन्होंने कहा कि स्वच्छता अभियान में सामाजिक और धार्मिक संस्थाओं की भागीदारी से इसे मजबूती मिल रही है। जनसहभागिता के माध्यम से ही हरिद्वार के घाटों को स्वच्छ और सुंदर बनाया जा सकता है।

प्रेमनगर आश्रम के वरिष्ठ कार्यकर्ता शंकर लाल ने कहा कि आश्रम के स्वयंसेवक कुंभ मेला-2027 तक लगातार श्रमदान करते रहेंगे, ताकि हरिद्वार आने वाले श्रद्धालुओं को स्वच्छ घाट मिल सकें। उन्होंने लोगों से गंगा और घाटों पर पुराने कपड़े, पॉलीथीन व अन्य कचरा नहीं फेंकने की अपील की। अभियान में कई समूहों में जुटे सैकड़ों स्वयंसेवकों का नेतृत्व मोतीलाल और नरेंद्र कुमार ने किया।

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