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रंजीता झा ने रामलीला मंचों से दिया श्रीराम के आदर्शों को अपनाने का संदेश

नेत्री एवं संकल्प सेवा परमोधर्म ट्रस्ट की संस्थापक अध्यक्ष रंजीता झा ने हरिद्वार में आयोजित रामलीला कार्यक्रमों में सहभागिता कर भगवान श्रीराम के आदर्शों को जीवन में अपनाने का आह्वान किया। उन्होंने हरिदर्शन रामलीला समिति के कार्यक्रम का फीता काटकर तथा भगवान श्रीगणेश की आरती कर शुभारंभ किया। इस दौरान रामलीला समिति के पदाधिकारियों ने उन्हें पटका पहनाकर और स्मृति चिह्न भेंट कर सम्मानित किया।

अपने संबोधन में रंजीता झा ने कहा कि मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम का जीवन सत्य, त्याग, कर्तव्य और मर्यादा का प्रतीक है। सभी को उनके आदर्शों को अपने जीवन में अपनाते हुए परिवार, समाज और राष्ट्र के प्रति अपने दायित्वों का निर्वहन करना चाहिए। उन्होंने कहा कि रामलीला जैसे धार्मिक एवं सांस्कृतिक आयोजन भारतीय संस्कृति, परंपराओं और नैतिक मूल्यों को नई पीढ़ी तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

इस अवसर पर उन्होंने संकल्प सेवा परमोधर्म ट्रस्ट की ओर से महिला सशक्तिकरण और बेटियों को आगे बढ़ाने के लिए किए जा रहे प्रयासों की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि ट्रस्ट का उद्देश्य महिलाओं को सम्मान, अवसर और आत्मनिर्भरता के लिए प्रोत्साहित करना है।

रंजीता झा ने आगामी 27 अक्टूबर 2026 को आयोजित होने वाले चतुर्थ करवाचौथ मेहंदी महोत्सव में सनातनी महिलाओं को आमंत्रित करते हुए कहा कि इस आयोजन के माध्यम से बेटियों को अपनी मेहंदी कला और हुनर प्रदर्शित करने का अवसर मिलेगा। उन्होंने मुख्य अतिथि के रूप में आमंत्रित कर सम्मान देने के लिए हरिदर्शन रामलीला समिति के पदाधिकारियों और आयोजकों का आभार जताया।

सेक्टर-4 की नटराज रामलीला में भी की सहभागिता

रंजीता झा ने हरिद्वार के सेक्टर-4 में नटराज रामलीला समिति की ओर से आयोजित कार्यक्रम में भी हिस्सा लिया। यहां समिति के पदाधिकारियों ने उनका स्वागत एवं सम्मान किया। उन्होंने रामलीला के माध्यम से भारतीय संस्कृति और भगवान श्रीराम के आदर्शों के प्रचार-प्रसार के प्रयासों की सराहना की।

कार्यक्रमों के दौरान संकल्प सेवा परमोधर्म ट्रस्ट के सचिव तरुण कुमार शुक्ल, जितेंद्र कुमार शुक्ल, शौर्य झा और रिदम झा सहित अन्य गणमान्य लोग उपस्थित रहे। दोनों आयोजनों में धार्मिक-सांस्कृतिक परंपराओं के संरक्षण, सामाजिक समरसता और महिला सशक्तिकरण से जुड़े विषयों पर जोर दिया गया।

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