मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में शुक्रवार को हुई कैबिनेट बैठक में कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर मुहर लगाई गई। बैठक में उपनल कर्मियों, अग्निवीरों, बिजली आपूर्ति, शहरी विकास और प्रशासनिक व्यवस्थाओं से जुड़े अहम फैसले लिए गए।
कैबिनेट ने एक जनवरी 2016 से पहले से कार्यरत और वर्तमान में सेवाएं दे रहे उपनल कर्मियों को न्यूनतम वेतन और महंगाई भत्ते का लाभ देने का निर्णय लिया। सेवा में कृत्रिम ब्रेक को ध्यान में रखते हुए संबंधित शासनादेश में लगी निरंतर सेवा की शर्त को हटाने पर सहमति दी गई। समान कार्य-समान वेतन के लाभ के लिए उपनल कर्मियों की नियुक्ति तिथि के आधार पर वरीयता तय की जाएगी।
अग्निवीरों के लिए समर्पित सेल गठित करने को भी मंजूरी दी गई। इसके प्रभावी संचालन के लिए छह संविदा पद सृजित किए जाएंगे। इनमें एक उप निदेशक, दो सहायक निदेशक, दो कनिष्ठ सहायक और एक डाटा एंट्री ऑपरेटर का पद शामिल है। यह प्रकोष्ठ सेवामुक्त होकर लौटने वाले अग्निवीरों को राज्य सरकार की विभिन्न योजनाओं का लाभ दिलाने से जुड़े मामलों का समन्वय करेगा।
कैबिनेट ने 1320 मेगावाट कोयला आधारित बिजली खरीद को भी मंजूरी दी। न्यूनतम बोलीदाता अडानी पावर लिमिटेड से 25 वर्षों के लिए 1320 मेगावाट बिजली खरीदने का निर्णय लिया गया है। इसके लिए कुल टैरिफ 5.746 रुपये प्रति यूनिट निर्धारित किया गया है। उत्तराखंड पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड को बिजली आपूर्ति समझौते समेत आवश्यक दस्तावेजों पर हस्ताक्षर करने और नियामकीय स्वीकृतियां लेने के लिए अधिकृत किया गया है।
इसके अलावा रिस्पना नदी किनारे बसी मलिन बस्ती के चयनित लाभार्थियों को काठबंगला में बनाए गए 116 आवासों के आवंटन को मंजूरी दी गई। शहरी विकास से जुड़ी परियोजनाओं के लिए उत्तराखंड अर्बन सेक्टर डेवलपमेंट एजेंसी (यूयूएसडीए) के पुनर्गठन और 94 अस्थायी पदों के सृजन पर भी सहमति बनी।
कैबिनेट ने उत्तराखंड निजी विश्वविद्यालय अधिनियम के तहत उत्तरांचल विश्वविद्यालय परिनियम, 2026 के प्रख्यापन को भी मंजूरी दी। साथ ही आबादी क्षेत्रों के आधुनिक सर्वेक्षण के लिए उत्तराखंड आबादी सर्वेक्षण एवं अभिलेख संक्रिया नियमावली-2026 को लागू करने के प्रस्ताव पर भी सहमति दी गई।




