उत्तराखंड में 3.50 लाख से अधिक खिलाड़ियों के डाटा की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है। खेल विभाग के पोर्टल और एप को विकसित करने वाली कंपनी ने विभाग की अनुमति के बिना यूजर आईडी और पासवर्ड बदल दिए हैं। इससे विभाग की पोर्टल तक पहुंच प्रभावित हो गई है और कई खेल योजनाओं का काम भी प्रभावित हुआ है। डाटा चोरी होने और उसके दुरुपयोग की आशंका भी जताई जा रही है।
खेल विभाग ने राष्ट्रीय खेलों के दौरान पोर्टल और एप विकसित करने की जिम्मेदारी खेब टेक स्ट्राटेजी प्राइवेट लिमिटेड को दी थी। इन पोर्टल और एप को आईटीडीए के सर्वर पर अपलोड किया जाना था। इससे पहले ही कंपनी की ओर से वेबसाइट के क्रेडेंशियल और एक्सेस बदल दिए गए। विभागीय सूत्रों के अनुसार कंपनी को उसके काम का करीब 80 फीसदी भुगतान भी किया जा चुका है, जबकि शेष भुगतान हैंडओवर प्रक्रिया पूरी होने के बाद किया जाना था।
बताया गया है कि मुख्यमंत्री चैंपियंस ट्रॉफी के लिए करीब 3.50 लाख खिलाड़ियों ने आवेदन किया था। इसके अलावा मुख्यमंत्री उदीयमान खिलाड़ी उन्नयन खेल छात्रवृत्ति योजना का डाटा भी पोर्टल पर मौजूद है। पिछले वर्ष इस योजना के तहत 3900 खिलाड़ियों को करीब 11.25 करोड़ रुपये की छात्रवृत्ति दी गई थी। ऐसे में बड़ी संख्या में खिलाड़ियों का व्यक्तिगत डाटा कंपनी के पास होने से उसकी सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं।
विभागीय स्तर पर मामले को लेकर चिंता जताई जा रही है। बताया जा रहा है कि यही कंपनी मेघालय में होने वाले राष्ट्रीय खेलों के लिए भी पोर्टल और एप विकसित करने का ठेका हासिल कर चुकी है।




