आर्ट ऑफ ॐ के संस्थापक एवं अध्यक्ष शांडिल्य मुनि ने सतत रुद्री पाठ के 500 दिन पूरे कर धार्मिक साधना में एक महत्वपूर्ण पड़ाव हासिल किया। श्रावण मास के पावन अवसर पर 15 अगस्त को चंदापुर कोठी स्थित सिद्ध जगमोहनेश्वर शिव मंदिर में उन्होंने सतत रुद्री पाठ के 500वें दिन का अनुष्ठान पूर्ण किया।
जानकारी के अनुसार शांडिल्य मुनि ने प्रयागराज में आयोजित अमृत महाकुंभ-2025 के दौरान 26 फरवरी 2025 को सतत रुद्री पाठ का संकल्प लिया था। इसके बाद उन्होंने नियमित रूप से पाठ जारी रखा और 15 अगस्त 2026 को 500वें दिन की साधना पूरी की।
शांडिल्य मुनि इससे पूर्व कोरोना काल में राष्ट्र रक्षा और जनकल्याण की भावना से 622 दिनों तक दुर्गा सप्तशती एवं श्रीमद्भागवत का पाठ कर चुके हैं। उन्होंने त्रिपुर सुंदरी और बगलामुखी साधना भी की है। वर्तमान में उनके द्वारा मां कामाख्या की साधना किए जाने की जानकारी दी गई है।
शांडिल्य मुनि आर्ट ऑफ ॐ ट्रस्ट के अध्यक्ष और शंकराचार्य प्रयाग पीठ के प्रवक्ता हैं। साथ ही वे चंदापुर स्टेट, रायबरेली के राजगुरु के रूप में धार्मिक एवं आध्यात्मिक दायित्वों का निर्वहन कर रहे हैं।
सतत रुद्री पाठ के 500 दिन पूरे होने को साधना, संकल्प और निरंतरता की दृष्टि से महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है। श्रावण मास में सिद्ध जगमोहनेश्वर शिव मंदिर में 500वें पाठ की पूर्णता से इस धार्मिक अवसर का महत्व और बढ़ गया।




