कांवड़ मेले के सकुशल संपन्न होने के बाद निरंजनी अखाड़े की मां मनसा देवी चरण पादुका स्थल पर सफाई कर्मियों के सम्मान में विशेष समारोह आयोजित किया गया। इस दौरान पांच सफाई कर्मियों को ‘पंच परमेश्वर’ मानकर विधिवत पूजन किया गया। उन्हें शॉल ओढ़ाकर सम्मानित करने के साथ प्रत्येक को पांच-पांच हजार रुपये की सम्मान राशि भी प्रदान की गई।
अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष श्रीमहंत डॉ. रविंद्रपुरी महाराज ने कहा कि प्रयागराज कुंभ में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा सफाई कर्मियों के सम्मान की परंपरा शुरू की गई थी। उसी भावना को आगे बढ़ाते हुए हरिद्वार में यह आयोजन किया गया। उन्होंने कहा कि मेले के दौरान पुलिस और प्रशासन अपनी ड्यूटी पूरी कर लौट जाते हैं, लेकिन तीर्थनगरी को दोबारा स्वच्छ बनाने की बड़ी जिम्मेदारी सफाई कर्मियों पर होती है। यह सम्मान केवल पांच कर्मचारियों का नहीं, बल्कि हर उस स्वच्छता प्रहरी का सम्मान है, जो दिन-रात शहर को साफ रखने में जुटा रहता है।
समारोह में सफाई कर्मियों के साथ स्वास्थ्यकर्मियों, पुलिस जवानों, प्रशासनिक अधिकारियों और पत्रकारों को भी सम्मानित किया गया। महामंत्री श्रीमहंत हरिगिरि महाराज ने कहा कि सम्मान पद का नहीं, बल्कि निष्ठा और कर्तव्य के प्रति समर्पण का होना चाहिए। उन्होंने आगामी कुंभ मेला-2027 को भी इसी सेवा और एकजुटता की भावना से सफल बनाने का संकल्प दोहराया।
निरंजनी अखाड़े के सचिव रामरतन गिरि और महामंडलेश्वर ललितानंद गिरि ने कांवड़ मेले की सफलता को समाज, संतों और प्रशासन के सामूहिक प्रयास का परिणाम बताया।
कार्यक्रम में जिलाधिकारी मयूर दीक्षित और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक नवनीत सिंह भुल्लर ने संत समाज का आभार जताया। जिलाधिकारी ने कहा कि मेले के दौरान ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों के लिए अखाड़ा परिषद और मां मनसा देवी मंदिर ट्रस्ट की ओर से भोजन की व्यवस्था करना सेवा और समन्वय की मिसाल रहा।
सफाई कर्मियों के सम्मान के इस आयोजन ने यह संदेश दिया कि सेवा करने वाला कोई छोटा नहीं होता और सम्मान पद का नहीं, कर्म और निष्ठा का होना चाहिए। कांवड़ मेले के बाद हरिद्वार से निकला यह संदेश आगामी कुंभ-2027 की तैयारियों में सामाजिक सहभागिता और सेवा भावना को नई दिशा देने वाला माना जा रहा है।




