सावन शिवरात्रि के अवसर पर धर्मनगरी हरिद्वार में अखंड परशुराम अखाड़े के तत्वावधान में यूजीसी के नियमों के विरोध में अनोखी कांवड़ यात्रा निकाली गई। बिरला घाट से शुरू हुई यात्रा रेलवे स्टेशन स्थित शिवमूर्ति तक पहुंची। यात्रा में भगवान परशुराम का स्वरूप धारण किए संत कार्तिकेय महाराज ने कांवड़ उठाकर विरोध दर्ज कराया।
इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने यूजीसी के नियमों को लेकर सरकार के खिलाफ नारेबाजी की और इन्हें वापस लेने की मांग की। संत कार्तिकेय महाराज ने कहा कि संतों का दायित्व समाज में सही और गलत के बीच अंतर स्पष्ट करना है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार की नीतियों से समाज के विभिन्न वर्गों के बीच मतभेद बढ़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि शिवरात्रि पर भगवान शिव का जलाभिषेक कर सरकार को सद्बुद्धि देने की प्रार्थना की गई है।
अखाड़े के अध्यक्ष पंडित अधीर कौशिक ने यूजीसी से जुड़े नियमों को वापस लेने की मांग की। उन्होंने कहा कि इन नियमों से बच्चों के भविष्य को लेकर समाज में चिंता है। उन्होंने चेतावनी दी कि मांगों पर विचार नहीं किया गया तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा।
यात्रा के दौरान प्रदर्शनकारियों ने ‘यूजीसी रोलबैक’ और ‘काला कानून वापस लो’ जैसे नारे लगाए। आयोजकों ने यूजीसी के नियमों और आरक्षण नीति में सुधार की मांग भी उठाई।




