कांवड़ मेला-2026 और आगामी अर्धकुंभ मेला-2027 की तैयारियों को लेकर उत्तर रेलवे, मुरादाबाद मंडल की ओर से हरिद्वार में स्थानीय संस्थाओं एवं संगठनों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक की गई। बैठक की अध्यक्षता वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक महेश यादव ने की। इसमें यात्रियों की सुविधा, स्वच्छता, सेवा कार्यों और स्टेशन की व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने पर चर्चा हुई।
बैठक में प्रेमनगर आश्रम, शांतिकुंज, गुरुद्वारा निर्मला छावनी, धर्मशाला महासभा, टैक्सी यूनियन और ऑटो-रिक्शा यूनियन सहित विभिन्न संस्थाओं के प्रतिनिधि शामिल हुए। रेलवे अधिकारियों ने कांवड़ मेले के दौरान श्रद्धालुओं की सुविधा और अर्धकुंभ मेले के लिए दीर्घकालिक व्यवस्थाओं को लेकर प्रतिनिधियों से सुझाव लिए।
धर्मशालाओं की जानकारी के लिए सूचना बोर्ड का सुझाव
बैठक में स्टेशन की स्वच्छता व्यवस्था को बेहतर बनाने, कूड़े के अलग-अलग संग्रहण एवं निस्तारण और सामाजिक संस्थाओं के सहयोग से स्वच्छता अभियान चलाने पर जोर दिया गया। यात्रियों की सुविधा के लिए स्टेशन परिसर में धर्मशालाओं और आश्रमों के नाम, पते, संपर्क नंबर तथा किराये की जानकारी उपलब्ध कराने वाला सूचना बोर्ड लगाने का सुझाव भी सामने आया।
सेवा कार्यों में सहयोग की अपील
कांवड़ और अर्धकुंभ के दौरान विभिन्न संस्थाओं की ओर से जल सेवा तथा अन्य सेवा कार्य संचालित करने और इनके लिए रेलवे के साथ समन्वय बनाए रखने पर भी चर्चा हुई। शांतिकुंज की ओर से अर्धकुंभ के दौरान स्टेशन पर यात्रियों की सहायता और मानव सेवा के लिए कर्मचारियों की सेवाएं उपलब्ध कराने के प्रस्ताव पर भी विचार किया गया।
प्रीपेड टैक्सी बूथ पर भी चर्चा
स्टेशन के सौंदर्यीकरण, सर्कुलेटिंग एरिया में गाइड बोर्ड सुधार, पौधारोपण और पौधों के रखरखाव को लेकर भी सुझाव लिए गए। यात्रियों को डिजिटल रेल सुविधाओं की जानकारी देने के लिए धर्मशालाओं, आश्रमों और अन्य स्थानों पर रेल वन ऐप के पोस्टर-बैनर लगाने में सहयोग का अनुरोध किया गया। इसके अलावा स्टेशन पर प्रीपेड टैक्सी बूथ और निर्धारित ऑटो-टैक्सी स्थान बनाने के सुझाव पर भी चर्चा हुई।
वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक महेश यादव ने कहा कि कांवड़ मेले में बड़ी संख्या में श्रद्धालु हरिद्वार पहुंच रहे हैं। ऐसे में स्थानीय संस्थाओं और सेवा संगठनों का सहयोग यात्री सुविधाओं को बेहतर बनाने में महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि अर्धकुंभ-2027 को ध्यान में रखते हुए अभी से सुझाव लेकर व्यवस्थाओं की बेहतर योजना बनाई जा रही है। प्राप्त सुझावों पर संबंधित विभागों और संस्थाओं के साथ समन्वय कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।




