हरिद्वार। हरिद्वार के चर्चित 54 करोड़ रुपये के भूमि घोटाले में राज्य सरकार ने बड़ी कार्रवाई करते हुए दो आईएएस और पीसीएस अधिकारियों समेत एक दर्जन से अधिक अधिकारियों एवं कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की है। मामले में अनियमितताओं और सरकारी नियमों की अनदेखी कर भूमि खरीद-फरोख्त से जुड़े निर्णय लेने के आरोपों की जांच के बाद यह कदम उठाया गया।
सरकारी जांच में पाया गया कि भूमि सौदे के दौरान निर्धारित प्रक्रियाओं का पालन नहीं किया गया, जिससे सरकारी खजाने को करोड़ों रुपये का नुकसान हुआ। जांच रिपोर्ट के आधार पर संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों की भूमिका को चिन्हित करते हुए उनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
प्रदेश सरकार ने मामले को गंभीर वित्तीय अनियमितता मानते हुए स्पष्ट किया है कि दोषियों को किसी भी स्तर पर बख्शा नहीं जाएगा। शासन स्तर पर पूरे प्रकरण की निगरानी की जा रही है और आवश्यकता पड़ने पर आगे भी कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
इस कार्रवाई को भ्रष्टाचार के खिलाफ सरकार की बड़ी पहल माना जा रहा है। मामले में अभी कुछ अन्य अधिकारियों और कर्मचारियों की भूमिका की भी जांच जारी है, जिसके आधार पर आगे और कार्रवाई संभव है।
मुख्य बिंदु
• 54 करोड़ रुपये के हरिद्वार भूमि घोटाले में बड़ा एक्शन।
• दो आईएएस और पीसीएस अधिकारियों समेत 12 से अधिक अधिकारी-कर्मचारी कार्रवाई की जद में।
• जांच में भूमि सौदे में नियमों की अनदेखी और वित्तीय अनियमितताएं उजागर।
• दोषियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई शुरू।
• सरकार ने भ्रष्टाचार के मामलों में सख्त रुख अपनाने की बात कही।




