विश्वविद्यालय में बुधवार को ‘नशा मुक्त भारत अभियान–विकसित भारत की पहचान’ का शुभारंभ किया गया। सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय के दिशा-निर्देशों के तहत आयोजित कार्यक्रम में नशामुक्त समाज के निर्माण का संकल्प लिया गया।
कार्यक्रम के दौरान विश्वविद्यालय परिवार के सदस्यों ने नशे के खिलाफ शपथ ली तथा हस्ताक्षर अभियान में भाग लेकर जनजागरूकता बढ़ाने का संदेश दिया। वक्ताओं ने कहा कि युवाओं को नशे से दूर रखकर ही विकसित और सशक्त भारत का निर्माण संभव है।
इस अवसर पर स्वामी रामदेव, आचार्य बालकृष्ण एवं साध्वी देवप्रिया के प्रेरणादायी मार्गदर्शन का उल्लेख किया गया। कार्यक्रम में प्रति-कुलपति प्रो. मयंक अग्रवाल सहित वरिष्ठ शिक्षाविद् डॉ. के.एन.एस. यादव, कुलसचिव डॉ. दीपेश सक्सेना, उप-कुलसचिव डॉ. निर्विकार, परीक्षा नियंत्रक डॉ. ए.के. सिंह, विभिन्न संकायों के अधिष्ठाता, निदेशक, प्राध्यापक, शोधार्थी, प्रशासनिक अधिकारी एवं कर्मचारी मौजूद रहे।
विश्वविद्यालय प्रशासन के अनुसार अभियान के तहत आगामी दस दिनों तक साइकिल एवं बाइक रैली, योग शिविर, जन-जागरूकता कार्यक्रम, पोस्टर व स्लोगन प्रतियोगिता, नुक्कड़ नाटक तथा संवाद सत्र आयोजित किए जाएंगे। अभियान का उद्देश्य युवाओं में नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूकता बढ़ाना और ‘नशा मुक्त भारत–विकसित भारत’ के संकल्प को जन-जन तक पहुंचाना है।




